हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने गांव सनौली खुर्द की पूर्व सरपंच प्रियंका शर्मा और ग्राम सचिव रामकिशन शर्मा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। उन्हें 7 मार्च को आयोग में हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। यह वारंट महेंद्र चावला के मामले में जारी किया गया है, जो कि गांव सनौली खुर्द के निवासी और आसाराम केस के मुख्य गवाह हैं।
जानकारी अनुसार सूचना आयोग के आदेश के अनुसार पूर्व सरपंच को कई बार मौके दिए गए, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं। सरपंच की गैरहाजिरी को ध्यान में रखते हुए यह जमानती वारंट जारी किया गया है। उन्हें कारण बताने का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन फिर भी वे नहीं पहुंचीं। इसके बाद जमानती वारंट जारी किया गया है। महेंद्र चावला ने बताया कि उन्होंने 2018 में सरपंच से सूचना लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसको सूचना नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बीडीपीओ सनौली के सामने प्रथम अपील की, फिर भी सूचना नहीं मिली।

इसके बाद वह हरियाणा राज्य सूचना आयोग के सामने द्वितीय अपील की। 15 मई 2019 को सूचना आयोग ने सूचना प्रदान करने के आदेश जारी किए, लेकिन उनके आदेश का पालन नहीं किया गया। महेंद्र चावला ने बताया कि जब उन्होंने सूचना के लिए आवेदन किया था, उस समय प्रियंका शर्मा सरपंच और रामकिशन शर्मा ग्राम सचिव थे, लेकिन सूचना नहीं मिली।

बाद में जब सूचना आयोग ने सम्पूर्ण सूचना प्रदान करने के आदेश जारी किए, तब भी प्रियंका शर्मा सरपंच और रामकिशन शर्मा ग्राम सचिव थे। किसी ने भी सूचना आयोग के आदेश का पालन नहीं किया और सूचना नहीं प्रदान की। अब मामला 7 मार्च 2024 को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश के साथ अनुपालना रिपोर्ट के साथ चल रहा है।


