हरियाणा पुलिस ने किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई का फैसला वापस ले लिया है। यह जानकारी अंबाला रेंज के आईजी सिबाश कबिराज ने शुक्रवार को दी। बता दें कि गुरुवार को अंबाला पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी किसान नेताओं से की जाएगी। जिसके लिए उनकी संपत्ति को कुर्क और बैंक खाते सीज किए जाएंगे।
पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर 21 साल के शुभकरण की मौत के विरोध में किसान शुक्रवार को देशभर में ब्लैक डे मना रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को साढ़े 4 घंटे चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। जिसमें 100 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। वहीं 26 को देशभर में ट्रैक्टर मार्च और 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत करने पर सहमति जताई। वहीं किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि आंदोलन के दौरान एक और किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनका नाम दर्शन सिंह था और वे बठिंडा के अमरगढ़ में रहते थे। जिनकी उम्र 62 वर्ष थी। उनकी मौत राजिंद्रा अस्पताल पटियाला में हुई। किसान की मौत की सूचना मिलने के बाद सरवण पंधेर अस्पताल पहुंचे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है।

दिल्ली कूच पर फैसला आज
किसान आंदोलन का आज 11वां दिन है। किसान-मजदूर मोर्चा (केएमएम) दिल्ली कूच पर आज फैसला लेंगे।। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर युवक शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने दिल्ली मार्च को रोक दिया था। गुरुवार को किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने एक तस्वीर जारी कर कहा कि खनौरी बॉर्डर पर सीधी फायरिंग की गई है। पंजाब सरकार हत्या का केस दर्ज करे। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने शुभकरण को शहीद का दर्जा देने की मांग की।

कानून व्यवस्था अपने हाथ में न लें प्रदर्शनकारी
अंबाला एएसपी पूजा डाबला ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कोई प्रोविजन लागू नहीं कर रहे। एनएसए के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हम किसानों प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि कानून व्यवस्था अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। अगर कानून व्यवस्था बरकरार रहती है, तो किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।



