चंडीगढ़ में भाजपा के कुलजीत सिंह संधू ने सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव जीत लिया है। इस बार भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन का एक वोट कैंसिल हुआ है। चुनाव में भाजपा को 19 वोट और गठबंधन को 16 वोट मिले हैं। एक वोट कैंसिल हुआ है। माना जा रहा है कि अकाली दल के हरदीप सिंह ने फिर से भाजपा को वोट दिया है।
गौरतलब है कि चुनाव के तहत सुबह 11:12 बजे तक वोटिंग खत्म हुई। वोटिंग के दौरान सांसद किरण खेर ने पहला मत डाला। उनके वोट डालने से पहले पार्षद सौरभ जोशी उनके पास आ गए, जिसको लेकर सदन में हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले कोई पार्षद अपनी सीट से उठकर मतदान डालने वाले के पास कैसे जा सकता है। हालांकि बाद में मेयर के समझाने के बाद मामला शांत हो गया।

बता दें कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर भाजपा और आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला रहा। दोनों पार्टी के उम्मीदवारों ने 28 फरवरी को नामांकन भरा था। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर गठबंधन के प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह गाबी और भाजपा प्रत्याशी कुलजीत सिंह संधू के बीच और डिप्टी मेयर के पद पर गठबंधन की प्रत्याशी निर्मला देवी और भाजपा प्रत्याशी राजिंद्र शर्मा के बीच मुकाबला रहा।

इस दौरान सदन में पीठासीन अधिकारी मेयर कुलदीप कुमार और उपायुक्त विनय प्रताप सिंह मौजूद रहे। वोटिंग के लिए मेयर ने डेढ़ घंटा तय किया था। आम आदमी पार्टी से भाजपा में गए तीनों पार्षदों ने भी चुनाव में अपना वोट डाला है। हालांकि वोटों की गिनती से पहले नगर निगम के संयुक्त सचिव गुरिंद्र सिंह सोढ़ी के मेयर के साथ बैठने को लेकर भाजपा ने हंगामा शुरू कर दिया था। भाजपा के सौरभ जोशी ने आपत्ति जताई कि क्या वह नियमों के अनुसार ऐसा कर सकते हैं।

शुरुआती दौर में जीत के आंकड़े भाजपा के पक्ष में रहे, लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन दोनों पदों पर जीत का दावा करता रहा। इस दौरान भाजपा को क्रॉस वोटिंग का डर भी था, इसलिए उसने अपने पार्षदों को शहर से बाहर रखा। आम आदमी पार्टी के 10 और कांग्रेस के 7 पार्षदों को मिलकर गठबंधन के पास सिर्फ 17 वोट थे। चुनाव में जीत के लिए आप ने अपने उन तीनों पार्षदों से संपर्क करने की भरपूर कोशिश की, जो भाजपा में चले गए, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। गौरतलब है कि पहले यह चुनाव 27 फरवरी को तय हुए थे, लेकिन मेयर कुलदीप कुमार और आप-कांग्रेस का कोई पार्षद सदन नहीं पहुंचा, जिसकी वजह से चुनाव 4 मार्च के लिए तय हुए हैं।

उधर चुनाव की वजह से नगर निगम के पास भारी सुरक्षा बल तैनात रहा। सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद किए गए। पैदल भी उन्हीं को जाने दिया जाएगा, जिनकी अप्वाइंटमेंट है या फिर जो वहां काम करते हैं। हालांकि पिछले दिनों चुनाव के दिन रास्ते बंद होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई थी।

वहीं चंडीगढ़ कांग्रेस ने शिरोमणि अकाली दल से अपील की थी कि वह भाजपा के उम्मीदवार का समर्थन न करे। प्रवक्ता राजीव शर्मा ने भाजपा पर किसान विरोधी मानसिकता रखने वाली पार्टी होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि अकाली दल को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि वर्ष 2021 में 700 से ज्यादा किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ऐसी स्थिति के बावजूद अगर फिर भी हरदीप सिंह भाजपा को वोट देते हैं तो यह किसानों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा ही होगा।

