मनुष्य अपने दिनचर्या के किसी भी कार्य को करता हैं, तो उससे हमारे जीवन पर अनेकों प्रभाव पड़ते है। जिसमें यदि हम कार्य ठीक प्रकार से करते है, तो सकारात्मक प्रभाव पड़ते है और यदि कार्य को हम गलत प्रकार से कर रहे है, तो उसके नकारात्मक प्रभाव भी हमें ही भुगतने पड़ते हैं।
ऐसा नहीं है कि व्यक्ति जानबूझकर इन सब चीजों को करता है, बल्कि जानकारी के अभाव में कुछ काम ऐसे हो जाते हैं, जो उसके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करके उसके लिए कई सारी परेशानियां खड़ी कर देती हैं। इन्हीं में से एक है सही दिशा में पैर करके सोना। वास्तु शास्त्र के अनुसार व्यक्ति द्वारा सोने की दिशा भी निर्धारित की गई है। व्यक्ति को किस दिशा में सिर और किस दिशा में पैर करके सोना चाहिए।

इस विषय पर जानकारी आचार्य महेश भारद्वाज ने देते हुए बताया कि यदि व्यक्ति गलत दिशा में पैर करके सोता है, तो उसके शरीर की सारी ऊर्जा बाहर निकल जाती है, क्योंकि गलत दिशा में पैर करके सोने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस दिशा में पैर करके सोयें
शास्त्रों अनुसार मनुष्य को दक्षिण दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए। दक्षिण दिशा को यमदूत, यम और नकारात्मक शक्ति की दिशा माना जाता है, इसलिए इस दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए।

पूर्व दिशा में भी न करें पैर
शास्त्रों अनुसार मनुष्य को पूर्व यानी सूर्य उदय की दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए। इसके अलावा पश्चिम दिशा में सिर करके भी नहीं सोना चाहिए। इसका भी शरीर पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।

गलत दिशा में पैर करके सोने के प्रभाव
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि यदि व्यक्ति पूर्व या दक्षिण दिशा में पैर करके सोते हैं, तो मन में नकारात्मक विचार और डरावने सपने आते हैं। इसके अलावा व्यक्ति निराशा और भय का शिकार हो जाते हैं।

सोते समय इस दिशा में करें पैर
शास्त्रों अनुसार मनुष्य को उत्तर दिशा में पैर करके सोने से सुख, समृद्धि, शांति, धन लाभ और आयु वृद्धि प्राप्त होती है। इसके अलावा पूर्व दिशा में सिर करके सोने से ज्ञान की प्राप्ति होती है।



