हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने की बात सामने आ रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से मैं भाजपा छोड़ रहा हूं, थोड़ी देर में वह दिल्ली में कांग्रेस जुड़ेंगे।
बता दें कि अभी तक उनके पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं आई है। बता दें कि पिता-पुत्र लगातार हरियाणा में भाजपा को जजपा से गठबंधन तोड़ने की वकालत कर रहे थे। इस्तीफे की घोषणा करने के बाद हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंच चुके हैं। बृजेंद्र ने सोशल मीडिया पर कहा मैंने इस्तीफा दिया। हिसार से भाजपा सांसद चौधरी बृजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी।

उन्होंने एक्स पर लिखा कि मैंने राजनीतिक कारणों से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मुझे हिसार के संसद सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए मैं पार्टी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आभार व्यक्त करता हूं।

टिकट कटने से लिया फैसला
रविवार दोपहर तक हरियाणा को लेकर भाजपा उम्मीदवारों की अभी कोई लिस्ट नहीं आई है, लेकिन चर्चा यह है कि पहली लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं। जिसमें बृजेंद्र सिंह की टिकट कटने या फिर उनकी इच्छा के मुताबिक सीट न मिलने की बात सामने आ रही है। इन हालातों को देखते हुए बृजेंद्र ने भाजपा छोड़ने का फैसला लिया। बताया यह भी जा रहा है कि सूबे के बड़े कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें टिकट का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं
जजपा का रास्ता साफ बृजेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद भाजपा की हरियाणा में सरकार की सहयोगी जजपा का रास्ता अब साफ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक अब भाजपा हरियाणा में गठबंधन की सहयोगी जजपा को एक लोकसभा सीट दे सकती है। संभावना है कि हिसार लोकसभा सीट से जजपा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को उम्मीदवार बनाया जाए। हालांकि जजपा के नेता अभी तक गठबंधन को लेकर संशय में है। इसकी वजह यह है कि अभी तक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इसको लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए गए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने की थी मेरी आवाज सुनो रैली
ऐलान के छह महीने बाद फैसला पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 2 अक्टूबर 2023 में जींद में “मेरी आवाज सुनो” रैली की थी। यहां उन्होंने भाजपा-जजपा का गठबंधन रहने पर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। सांसद बेटे बृजेंद्र सिंह ने अपने पिता के फैसले का समर्थन किया था। उन्होंने उस दौरान कहा था कि फैसला लेने के लिए अपनी तरफ से बंधन मुक्त किया है। उनके इस ऐलान के छह महीने बाद बृजेंद्र ने इस्तीफा दिया।

