झज्जर के गांव हसनपुर में एक युवा किसान ने आत्महत्या कर ली। जिसका नाम मांगेराम था और उम्र 29 साल थी। मांगेराम ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की। जिसकी मौत के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि मांगेराम ने खेती बाड़ी का काम किया करता था और अपने परिवार का ख्याल रखता था। उसकी शादी भी हो चुकी थी। मांगेराम के पास तीन बहनें थीं और वह उनका एकलौता भाई था।
पुलिस के अनुसार झज्जर के हसनपुर गांव में रहने वाले मांगेराम के बारे में सूचना मिली कि उन्होंने अपने मनोबल की कमजोरी के कारण अपने घर में फांसी लगाई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मांगेराम के पिता सत्यवान के बयान को भी नोट किया गया। अभी तक शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि किसानों की जिंदगी कठिन होती है और कई बार उन्हें सामाजिक, आर्थिक या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। हमें अपने किसान भाइयों का सम्मान करना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। सरकार को भी किसानों की मदद करने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत करनी चाहिए, ताकि किसानों को और बेहतर समर्थन मिल सके।


