Haryana News : कनाडा के वैंकूवर शहर में हमलावरों की गोली का शिकार हुए सोनीपत के सेक्टर-12 निवासी चिराग आंतिल का शव सोनीपत स्थित सेक्टर-7 में उनके निमार्णाधीन मकान में पहुंचा। विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और कनाडा में रह रहे जानकारों की मदद से शव को कनाडा एयरपोर्ट से दिल्ली लाया गया। वहां से परिजन शव को लेकर सोनीपत पहुंचे। आज मंगलवार सुबह गांव के यमुना घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि मूलरूप से सोनीपत के गांव बड़ौली फिलहाल सेक्टर-12 निवासी रोमित आंतिल ने बताया कि उनका भाई चिराग आंतिल 22 सितंबर 2022 को कनाडा के वैंकूवर शहर में एमबीए की पढ़ाई करने गया था। वह अब वर्क वीजा पर एक सिक्योरिटी कंपनी में काम करता था। उन्हें 13 अप्रैल को वैंकूवर पुलिस ने मेल से जानकारी दी थी कि आपके भाई चिराग आंतिल की हत्या कर दी गई है। उसके बाद से परिवार के सदस्य कनाडा पुलिस और वहां रह रहे जानकारों से संपर्क किए हुए थे।

साथ ही परिवार के सदस्यों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और दूतावास से संपर्क कर भाई के शव को जल्द भारत लाने की गुहार लगाई थी। विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और कनाडा में रह रहे जानकारों की मदद से सोमवार को शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद शव को सबसे पहले सोनीपत और फिर गांव बड़ौली लाया गया। बाद में गमगीन माहौल में यमुना किनारे पर चिराग आंतिल के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि चिराग आंतिल के पिता महाबीर सिंह आंतिल चीनी मिल में इंस्पेक्टर थे। वह जनवरी 2020 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के दौरान विदाई पार्टी पर क्षेत्र के किसानों ने उन्हें 15 लाख की क्रेटा गाड़ी, ढाई लाख रुपये कीमत की बुलेट बाइक और 10 लाख रुपये की मालाओं से स्वागत किया था। क्षेत्र के विधायक मोहनलाल बड़ौली खुद उन्हें अपनी कार से घर तक लेकर पहुंचे थे। अब बेटे के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। चिराग की मृत्यु से गांव में शोक की लहर है।





