Lok Sabha Elections 2024 : हरियाणा के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का तनाव अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी से की जा रही उनकी अनदेखी अब साफ झलकनें लगी है। चुनावी सभाओं के दौरान आजकल उनके मुंह से कुछ भी निकल रहा है। जहां दो दिन पूर्व महेंद्रगढ़ में जनसभा के दौरान उनका दर्द छलक पड़ा था, वहीं मंगलवार को नारनौल में उन्होंने भाजपा की विजय संकल्प रैली के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को ही प्रदेश का मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मंच पर मौजूद रहे।
बता दें कि नारनौल की अनाज मंडी में मंगलवार को सांसद एवं भाजपा के भिवानी महेंद्रगढ़ सीट से प्रत्याशी धर्मवीर सिंह के समर्थन में जन संकल्प रैली का आयोजन किया गया। रैली के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भी भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह का रैली में पहुंचने पर स्वागत करता हूं। रैली में मुख्यमंत्री के अलावा मंत्री अभय सिंह यादव, नारनौल, अटेली और कोसली के विधायक भी मौजूद रहे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की चुनावी रैली में रामबिलास शर्मा की जुबान फिसली है या वह सरकार और सीएम की जानबुझकर मुखालफत कर रहे हैं। इस बात को लेकर महेंद्रगढ़ में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

बताया जा रहा है कि रामबिलास शर्मा प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार में मंत्री रहे ओमप्रकाश यादव को दोबारा मंत्री नही बनाने से भी नाराज नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव पूर्व मंत्री नहीं हैं। 4 जून के बाद फिर से शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ओमप्रकाश यादव को फिर से मंत्री पद सौंपा जाएगा। इससे पूर्व दो दिन पहले नांगल चौधरी में भी भाजपा की विजय संकल्प रैली में रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने जमकर अपना दुख प्रकट किया था। संबोधन के दौरान बीच में टोकने पर वह भड़क उठे थे।
उस दौरान रामबिलास शर्मा ने कहना था कि पेड़ हमने लगाया जब छांव में बैठने के दिन आए तो हमें कहते हैं समय नहीं है। इससे साफ झलकता है कि पार्टी में उनकी अनदेखी का माहौल चल रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा पार्टी में अनदेखी से नाराज हैं। अब वह जो भी बातें भाजपा की रैलियों में कर रहे हैं, वह उनकी जुबान नहीं फिसल रही, बल्कि वे बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से अपना संदेश पार्टी आलाकमान तक पहुंचा रहे हैं।





