आज है सावन माह की पहली विनायक गणेश चतुर्थी, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहर्त

धर्म

सावन के माह में इस चतुर्थी का महत्व बढ़ जाता है। इस बार अधिकमास होने के कारण सावन माह में दो विनायक चतुर्थी है। ये चतुर्थी इसलिए भी खास है क्योंकि आज के दिन रवि योग भी है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। ये चतुर्थी भगवान श्री गणेश जी की पूजा के लिए खास मानी जाती है।

शुभ मुहर्त का समय

जो लोग व्रत रखकर पूजा पाठ करते हैं उनके लिए आज के दिन का शुभ मुहर्त 11 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक होगा। इस दिन पूजा करने वालो को दोनों ही योग लाभ-उन्नति मुहर्त और अमृत सर्वोत्तम मुहर्त मिलेगा जिसमें से लाभ-उन्नति मुहर्त का योग सुबह 10 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक हैं और अमृत सर्वोत्तम के लिए शुभ योग दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। आज के दिन रवि योग दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से शुरु होगा जो कल सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

Whatsapp Channel Join

पूजा की विधि

हर प्रकार की पूजा की तरह इस पूजा के लिए भी सुबह स्नान करके मन और तन दोनों से शुध्द होना चाहिए। साफ वस्त्र पहनकर भगवान गणेश जी की प्रार्थना करें इसके बाद भगवान जी को तिलक लगाए ओर वस्त्र, धूप, दीप, कुमकुम, लाल रंग के फुल, सुपारी और पान अर्पित कर मोदक का भोग लगाएं। मान्यता है कि जो भी यह उपवास करता है उनके साथ जीवन भर भगवान गणेश जी की कृपा बनी रहती है।