मानसून के आने के बाद बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी का प्रकोप लगातगर बढ़ रहा है। दिल्ली एनसीआर समेत सोनीपत में त्वचा संबंधित रोग , आंखों में इंफेक्शन और आई फ्लू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
जहां पर गर्मी के सीजन में शुरुआती तौर से स्किन ओपीडी 150 के लगभग रहती थी आज 250 के पार हो गई है। अस्पताल में आंखों संबंधित बीमारियों की 200 ओपीडी से बढ़कर 400 के पार हो गयी है। स्वास्थय विभाग के लिए यह परेशानी की बात है।
90% मरीज आई फ्लू के
नागरिक अस्पताल में स्किन और आई फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती नजर आ रही है। नागरिक अस्पताल में आंखों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर लोगों का इलाज कर रहे हैं। बारिश के सीजन में बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। 90% मरीज आंखों की ओपीडी में आई फ्लू के आ रहे हैं।
आंखों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने बताया संक्रमण से बचने का उपाय
नागरिक हॉस्पिटल में आने वाले मरीज आंखों में जलन, लाली, वहीं आंखों से सफेद पानी का निकलना, आंखों में रोशनी की दिक्कत बता रहे हैं। इस प्रकार के लक्षण के साथ मरीज के साथ उसका परिवार भी संक्रमित हो रहा है। आंखों का फ्लू एक वायरल है और यह 1 सप्ताह तक सक्रिय रहता है।
आंखों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने बताया संक्रमण से बचने के लिए एक दूसरे से आई कांटेक्ट नहीं करना है और वही एक दूसरे से हाथ भी नहीं मिलाने हैं। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और वही आंखों को बार-बार नहीं छूना चाहिए। वहीं संक्रमण से बचने के लिए हाथों को बार-बार धोने के साथ-साथ से सैनिटाइजर का प्रयोग करने को लेकर भी सलाह दी गई है।
स्किन की प्रॉब्लम के मरीज भी लगातार बढ़ रहे
दूसरी तरफ स्किन ओपीडी में भी लगातार मरीज बढ़ रहे हैं। बारिश के सीजन में कई प्रकार के कीड़े मकोड़े उत्पन्न हो जाते हैं और जो काफी जहरीले होते हैं। कीड़ों के काटे जाने के बाद इंफेक्शन बढ़ रहा है। घमौरियां और पसीने के कारण भी स्किन की प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ रही है। जहां फंगल इन्फेक्शन और दाद जैसे स्क्रीन की समस्या ज्यादा बढ़ रही है।
लोगों को बचाव के लिए शरीर के प्रत्येक अंग को कपड़े से ढ़क कर रखना चाहिए। हवादार जगहों पर रहना चाहिए और पसीने आने से बचना चाहिए। पतले, खुले और सूती कपड़ों को पहनने को लेकर भी सलाह दी गई है। वहीं धूप और धूल मिट्टी से बचने की सलाह डॉक्टर ने दी है।

