हरियाणा में लगातार मलेरिया, डेंगू चिकनगुनिया के मामले सामने आ रहे हैं। बढ़ती बीमारियों को लेकर सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य की अध्यक्षता में स्थानीय चौ. बंसीलाल सामान्य अस्पताल में जिला के सभी निजी लैब टेक्नीशियन की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सिविल सर्जन ने प्रत्येक संदिग्ध टीबी मरीज की जांच और उसकी डिटेल निक्षय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
मरीजों की एंट्री पोर्टल पर करने के दिए आदेश
सिविल सर्जन डॉ. शांडिल्य ने बैठक में मौजूद लैब संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि टीबी के मरीज की जांच करने और टीबी के सभी मरीजों को निक्षय पोर्टल पर एंट्री करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा टीबी मरीज की सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी को भी दें।
उन्होंने कहा कि सभी मरीजों का पूरा पता, फोन नंबर इत्यादि की समस्त जानकारी निक्षय पोर्टल पर अपलोड करें ताकि टीबी मरीज को ढूंढ कर उसका इलाज पूरा करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा साल 2014 नियम के तहत टीबी के समस्त मरीजों को नोटिफाई करने बारे आदेश जारी किए जा चुके हैं। साल 2025 तक देश को टीबी मुक्त किया जाना है ।
संडे को ड्राई डे मनाएं
सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग द्वारा जुलाई माह को डेंगू रोधी माह के तौर पर मनाया जा रहा है। सभी निजी लैब संचालकों को जुलाई माह को डेंगू रोधी माह बनाने के बारे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अपनी-अपनी संस्था में प्रत्येक संडे को ड्राई डे मनाए।
उन्होंने कहा कि लोगों को पानी के स्त्रोत जैसे कूलर, टंकी, होदी, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, छत पर पडे कबाड़, गमले आदि को सप्ताह में एक बार अच्छी तरह से खाली करके, अच्छी तरह से रगडकर, सुखाकर ही दोबारा पानी भरे ताकि उसमें मच्छर का लारवा पैदा ना हो।
लैब में सामान्य अस्पताल में होने वाले नि:शुल्क जांच के बारे में नोटिस चस्पा करें
सिविल सर्जन ने निजी लैब संचालकों को कहा कि वे किसी भी डेंगू मरीज से डेंगू, चिकुनगुनिया का एलाइजा टेस्ट के लिए 600 रूपए से ज्यादा वसूल ना करें। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया टेस्ट सिविल हॉस्पिटल भिवानी में एसएसएच लैब कमरा नंबर 37 में नि:शुल्क की जाती है।
नि:शुल्क का नोटिस सभी लैब अपने-अपने गेट पर अवश्य चस्पा करें। बुखार के समस्त संदिग्ध मरीजों को टेस्ट पश्चात यदि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसकी सूचना जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय भिवानी को एपिडेमिक एक्ट 1857 के अतंर्गत अवश्य दें।
उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि लैब संचालक जब भी किसी मरीज को नोटिफाई करें, उसकी सूचना जिला टीबी अधिकारी कार्यालय भिवानी दें। ताकि समस्त मरीजों का इलाज समय पर शुरू हो सकें। निजी लैब संचालकों का पूर्ण सहयोग से ही जिले में टीबी को जड से खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सभी टीवी मरीजों का सैंपल टेस्ट पश्चात सैंपल को डिस्पोज ऑफ कर दें ताकि किसी भी प्रकार का संक्रमण आगे ना फेले।

