Panipat : बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह…….आज कवि, साहित्यकार या लेखक का नाम जेहन में आते ही किसी अधेड़ या बुजुर्ग व्यक्तित्व की छवि सामने आती है, लेकिन आज छोटे बच्चे या कहें कि कम उम्र के बच्चे भी ये साबित कर रहे हैं कि उनके अंदर भी एक कवि और लेखक बसता है। आज हम बात करते हैं, मॉडल टाउन पानीपत में रहने वाली कक्षा 11 वीं की छात्रा यश्वी भसीन(Yashvi Bhasin) की, जो अपने आस-पास जो कुछ देखती है, उन्हें शब्दों में पिरोने में माहिर है।
बता दें कि यश्वी भसीन(Yashvi Bhasin) ने दाे साल पहले, मतलब कक्षा 9वीं में यूट्यूब पर अपने थॉट्स काे लिखना चाहिए का वीडियो देखकर कविता लिखना शुरू किया था। यश्वी(Yashvi Bhasin) ने पढाई के साथ-साथ मात्र दाे साल के अंदर ”टीनएजर” व ”लाइफ” आदि टाॅपिक्स पर 30 से ज्यादा कविताओं की बुक(Book) ही लिख डाली और अपनी बुक्स काे ई-काॅमर्स कंपनी पर अपलोड भी कर दिया। यश्वी भसीन(Yashvi Bhasin) ने बताया कि वह मॉडल टाउन के बाल विकास स्कूल(Bal Vikas School) में कक्षा 11वीं में पढ़ती है। पिता नितिन भसीन मैक्स लैब में रीजनल हैड हैं, जो कि पूरे हरियाणा के इंचार्ज हैं।

मां जाॅनसी डाॅ. एमकेके स्कूल(Dr. MKK School) में अध्यापिका हैं। उनकी दाे बेटी हैं। जिसमें से यश्वी बढ़ी है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उसने 88 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए थे। वह जब कक्षा नौ में थी, तो एक दिन यू-ट्यूब पर मोटिवेशनल वीडियो देख रही थी। उस वक्त एक व्यक्ति का इंटरव्यू उसने देखा था। जिसमें उन्होंने अपने विचारों को शब्द देने व लिखने के लिए मोटिवेट किया था। वह उस वीडियाे काे देखकर काफी मोटीवेट हुई।

कविता लेखन आदत में किया शुमार
एक दिन क्लास में टीचर पढ़ा रही थी, तभी यश्वी ने अपनी फ्रेंड पर एक कविता लिखने की साेची। 10 मिनट के अंदर अपने शब्दों को बखूबी कविता रूप में पिरो दिया। जिसे सभी ने बहुत सराहा। इससे उसे काफी प्रोत्साहन मिला। इसके बाद से यश्वी ने कविता लेखन को अपनी आदत में शुमार कर लिया।

मां-बाप के साथ-साथ दादा-दादी और नाना-नानी का सपोर्ट मिला ताे यश्वी ने बुक लिख दी। यश्वी अब तक 30 से ज्यादा कविताएं लिख चुकी है। कुछ दिन पहले ही 21 कविताओं का संग्रह करते हुए ‘इनर ऑडिसी’ नामक बुक पब्लिश की है। यश्वी ने बताया कि इस बुक काे जो भी पढ़ना चाहता है, वह अमेजाेन से पीडीएफ व ऑफलाइन फॉर्मेट में मंगवा सकता है।







