AARTI

हिंदू धर्म में आरती का महत्व: खड़े होकर आरती करना क्यों है शुभ?

धर्म Vastu Tips

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और आरती का विशेष महत्व है। खड़े होकर आरती करना बेहद शुभ माना जाता है। आरती के बिना पूजा अधूरी रहती है। आरती करने का तरीका और इसके पीछे के धार्मिक नियमों को समझना बेहद जरूरी है।

आरती करने का सही तरीका

आरती के दौरान कई लोग खड़े रहते हैं, जबकि कुछ बैठकर आरती करते हैं। लेकिन धार्मिक शास्त्रों के अनुसार खड़े होकर आरती करना सबसे शुभ माना गया है। यह भगवान के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।

Whatsapp Channel Join

शास्त्रों का मत

शास्त्रों के अनुसार, खड़े होकर आरती करना पूजा को पूर्णता प्रदान करता है। खड़े होकर आरती करने से भक्त का समर्पण और भगवान के प्रति आदर झलकता है। यह पूजा में शुभता और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम बनता है।

आरती के लाभ

सकारात्मक ऊर्जा: खड़े होकर आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

क्रोध और अहंकार का नाश: यह व्यक्ति के मन से क्रोध और अहंकार को समाप्त करने में सहायक होता है।

शांति और समृद्धि: नियमित आरती करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

आध्यात्मिक जुड़ाव: आरती भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति को दर्शाती है, जिससे मन का बोझ हल्का होता है।

विशेष परिस्थितियों में आरती

जिन लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हैं, वे बैठकर भी आरती कर सकते हैं। ऐसे में मन की शुद्धता और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है। आरती चाहे खड़े होकर की जाए या बैठकर, उसका उद्देश्य भगवान के प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करना है।

आरती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो न केवल पूजा को पूर्ण करता है बल्कि घर और मन दोनों को शुद्ध करता है। खड़े होकर आरती करना शुभ और लाभकारी माना गया है, लेकिन भक्त की भक्ति और शुद्ध मन को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।

Read More News…..