हरियाणा के Hisar जिले की आदमपुर विधानसभा में विजिलेंस की रेड के दौरान 35 करोड़ के बड़े सीवरेज प्रोजेक्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। पिछले एक साल से चल रहे इस प्रोजेक्ट में सीवरेज लाइन बिछाने में कई नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे अफसरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सीवरेज लाइन बिछाने से पहले किसी तरह का बेस बनाने का कार्य नहीं किया गया, जो प्रोजेक्ट की डीपीआर में अनिवार्य था। इसके अलावा, सीवरेज लाइन ढाई फुट की गहराई में बिछाई गई, जबकि नियमों के अनुसार यह गहराई 5 से 6 फुट होनी चाहिए।

पंचकूला से आई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने आज आदमपुर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। जांच में पब्लिक हेल्थ विभाग के कई अधिकारियों को तलब किया गया, जिसमें जेई सुरेश ढाका, एसडीओ अंकुश मक्कड़ और निर्माण एजेंसी के अन्य सदस्य शामिल थे।

स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आदमपुर के इस प्रोजेक्ट में अनियमितताओं की शिकायत की थी, जिसके बाद पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई के कार्यालय से इसकी विजिलेंस जांच की मांग की गई। आरोप है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे उपर तक फैले हुए हैं और जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए की अनियमितताओं ने स्थानीय लोगों को बड़ा झटका दिया है। विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिससे जनता को न्याय मिल सके।







