Bhiwani में आज भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने निजी मांगों और खन्नौरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के समर्थन में लघु सचिवालय के सामने जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बीकेयू चढूनी के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने बताया कि गुजरात से पानीपत तक तेल पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके मुआवजे की मांग को लेकर रूपगढ़ समेत पांच गांवों के किसान लंबे समय से धरने पर हैं। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया।
राकेश आर्य ने कहा कि किसानों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल सैनी के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की लापरवाही के चलते किसान संघर्ष तेज करने को तैयार हैं। जिला अध्यक्ष ने कहा कि खन्नौरी बॉर्डर पर MSP, बिजली के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर चल रहे धरने का भी वे समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांगें मानें और डल्लेवाल का अनशन खत्म करवाए।
उन्होंने बताया कि भारतीय किसान यूनियन चढूनी की कार्यकारिणी की बैठक आज होगी, जिसमें सरकार की प्रतिक्रिया न मिलने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो किसानों का आंदोलन और उग्र होगा।