Karnal कर्ण कमल कार्यालय पहुंचे केंद्रीय मंत्री और करनाल लोकसभा सांसद मनोहर लाल ने किसानों के प्रदर्शन और उनकी मांगों पर बयान दिया। उन्होंने शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसानों के मामले को पंजाब का मामला बताया। उन्होंने स्पष्ट बयान देते हुए कहा कि समाधान शर्तों पर आधारित बातचीत से नहीं, बल्कि खुले और सकारात्मक संवाद से निकलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से कई बार बातचीत का प्रयास कर चुकी है, लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट पहल नहीं हुई।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों ने अब तक समिति से मुलाकात करने या बातचीत में शामिल होने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद केंद्र ने पंचकूला में एक और बैठक का प्रस्ताव रखा, लेकिन वहां भी किसान प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों से बातचीत करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे। इसके तहत एक समिति का गठन भी किया गया था।
मनोहर लाल ने कहा कि दोनों पक्षों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी शर्त पर बातचीत हो रही है तो यह सही नहीं है। समाधान के लिए आपसी संवाद को ही एकमात्र रास्ता बताया। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हरियाणा में किसान प्रदर्शन का प्रभाव कम है और यहां कोई बड़ा विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मसला मुख्य रूप से पंजाब का है और वहीं इसका समाधान खोजा जाना चाहिए।







