मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा वीरवार को कई अहम मुद्दों को लेकर हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रैसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रैसवार्ता में अर्बन लोकल बॉडी डेवलॉपमेंट पर विचार रखे गए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 450 नई कालोनियों को अप्रूवल देते हुए कहा कि अलग-अलग जगह पर मकान खरीदकर लोगों को परेशानी होती है। एचएसडीपी का भी एक नियमित दायरा है, कच्ची कालोनियों के लिए हमारी सरकार ने विचार किया है। गांव के आस-पास भी कालोनियां बनाई गई है। उन्होंने रेगुलेटिंग कालोनी की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
सीएम ने कहा कि हमारे कार्यकाल में 1133 कालोनियों को अप्रूवल मिला है। कालोनी की अप्रोच 6 मीटर होनी चाहिए, पहले बसी कालोनी को छूट दी गई। सुनियोजित तरीके से ही विकास संभव है।
सीएम ने बताया कि 2014 से 2022 तक 685 कालोनियां नियमित की गई है। यमुनानगर जिले की 195 कालोनियां अप्रूव की गई है और पफरीदाबाद की 188 और सोनीपत की 162 कालोनियां भी शामिल है।
वर्तमान में प्रदेश में कुल 1856 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करना विचाराधीन
मुख्यमंत्री ने अनधिकृत कॉलोनियों के संबंध में भविष्य की योजना को सांझा करते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश में कुल 1856 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करना विचाराधीन है। इनमें 727 कॉलोनियां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग तथा 1129 कॉलोनियां शहरी स्थानीय विभाग के अंतर्गत आती हैं। इन कॉलोनियों में मापदण्ड पूरे होने पर इन्हें भी नियमित किया जाएगा। यह राज्य के शहरी नियोजन और विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए नियमों को आसान बनाया।
अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने हेतु मानदण्डों में छूट दी
जिन कॉलोनियों तक पहुंचने वाली सड़क 6 मीटर या इससे अधिक तथा आंतरिक सड़कें 3 मीटर या इससे अधिक चौड़ी हैं, अब उन्हें नियमित किया गया है। इन कॉलोनियों के नियमित होने से निवासियों को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। कुछ अनधिकृत कॉलोनियां पालिका क्षेत्र से बाहर भी बन गई थी। कम से कम 2 एकड़ क्षेत्र में बसी अलग-थलग कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया। हालांकि, यह नियम उस कॉलोनी पर लागू नहीं होगा, जो किसी अन्य अधिकृत, लाइसेंसशुदा अथवा नियमित कॉलोनी के समीप है और उसके लिए रास्ता उसी कॉलोनी के अंदर से जाता है। ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी की कॉलोनियों में पहुंच सड़क कम से कम 6 मीटर चौड़ी व आंतरिक सड़कों की कम से कम चौड़ाई 3 मीटर होनी चाहिए।
कामर्शियल क्षेत्र चार प्रतिशत से अधिक विकसित तो अतिरिक्त शुल्क के साथ होगी नियमित
आवासीय कालोनियों में वाणिज्यिक क्षेत्र 4 प्रतिशत से अधिक हो सकता है। जिन आवासीय कॉलोनियों में कमर्शियल क्षेत्र पहले ही 4 प्रतिशत से अधिक विकसित है या कमर्शियल गतिविधियों के लिए आवंटित अथवा पंजीकृत है, उन कॉलोनियों को भी अतिरिक्त शुल्क के साथ नियमित किया जाएगा, लेकिन इसमें मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल और बैंक्वेट हॉल आदि शामिल नहीं होंगे। अविकसित भूमि के लिए कलेक्टर रेट का 8 प्रतिशत तथा विकसित भूमि के लिए कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत देय होगा।
पालिका क्षेत्र में विकास शुल्क सभी तरह के क्षेत्र पर 5 प्रतिशत होगा। 1 जुलाई, 2022 से पहले जिन्होंने बिक्री के लिए सेल डीड या एग्रीमेंट टू सेल पंजीकृत करवा रखे थे, उन्हें बेचा हुआ माना जाएगा।
500 वर्ग मीटर तक के पार्क, खुले स्थान और सामुदायिक हॉल का किया गया प्रावधान
20 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों में रहने के लिए बेहतर वातावरण बनाने हेतु 500 वर्गमीटर तक के पार्क, खुली जगहों और सामुदायिक भवन के प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए उन कॉलोनियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें डेवेलपर के स्वामित्व वाला क्षेत्र बेचा नहीं गया है।
इसके अलावा, इन कॉलोनियों में अग्निशमन मानदंडों में ढील देने की जरूरत है, जिनके लिए डेवेलपर/आर.डब्ल्यू.ए. द्वारा आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे और अग्निशमन विभाग से लिखित में परामर्श किया जाएगा। इस बारे संबंधित डेवेलपर/आर.डब्ल्यू.ए. संबंधित उपायुक्त और जिला नगर योजनाकार को सूचित करेंगे। इन आवासीय कॉलोनियों में पहले से बने सभी मकानों की वर्तमान स्थिति बरकरार रखी जाएगी।

