हरियाणा के Ambala जिले के शहजादपुर में पुलिस और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें दोनों बदमाश घायल हो गए और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाशों की पहचान राजन और अभिषेक उर्फ मंगू के रूप में हुई है, जो शहजादपुर के निवासी हैं। इन दोनों का नाम बसपा नेता हरबिलास की हत्या में शामिल होने के रूप में सामने आया है।
मुठभेड़ की पूरी कहानी
सूचना मिलने पर पुलिस ने शहजादपुर में नाकाबंदी की थी। बदमाश बाइक पर सवार थे और हेलमेट पहने हुए थे। इस दौरान एक बदमाश ने देसी कट्टे से पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गनीमत रही कि पुलिस के किसी कर्मचारी को गोली नहीं लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं और वे गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हरबिलास हत्याकांड का संदर्भ
यह दोनों बदमाश हरबिलास की हत्या में शामिल थे। राजन ने गोलियां चलाने वालों में से एक था, जबकि मंगू ने रेकी की थी। बता दें कि हरबिलास की हत्या में शामिल मुख्य शूटर सागर को एक दिन पहले पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया था।
हरबिलास की हत्या का विवरण
24 जनवरी को नारायणगढ़ में बसपा नेता हरबिलास पर हमला किया गया था। वह जब यहां किसी काम से आए थे, तो हमलावरों ने उनका पीछा कर उन्हें गोलियां मारीं। हमले के दौरान हरबिलास दुकान की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें सीढ़ियों पर गिराकर गोलियां मार दीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
गैंगस्टर वेंकट गर्ग की भूमिका
इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर वेंकट गर्ग ने ली थी। उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हत्या को खुद की साजिश बताया और कहा कि यह उसके खिलाफ साजिश करने वालों का अंजाम था।
सागर को एक दिन पहले STF और पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जिसमें उसे 7 गोलियां लगी थीं। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
इस घटनाक्रम से जुड़े अन्य आरोपी
इस हत्या के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर वेंकट गर्ग, अजय, अरुण, साहिल, मनीष मित्तल, तुषार, नेहाल और अंजू गर्ग समेत 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।





