कनाडा में लहराया भावना धीमान ने जीत का परचम, जिले की पहली महिला बॉक्सर बनकर रचा इतिहास

कैथल

कनाडा में आयोजित विश्व पुलिस और फायर खेल में स्वर्ण पदक विजेता भावना धीमान को कैथल पहुचंने पर सम्मानित किया गया। अंबाला रोड़ पर बने आरकेएसडी कॉलेज में चल रहे बॉक्सिंग खेल सेंटर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्वर्ण पदक विजेता बॉक्सिंग खिलाड़ी भावना धीमान को सम्मानित किया गया।

रोड शो निकाल मनाया भावना की जीत का जश्न

स्वर्ण पदक विजेता भावना की जीत का जश्न मनाते हुए शहरवासियों ने स्टेडियम से प्रताप गेट तक रोड शो निकाला। रोड शो के दौरान भावना का जगह-जगह पर फूलों से स्वागत किया गया। लोगों ने भावना को आगे भी देश के लिए ऐसे ही खेलने और पदक लाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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जिले की पहली महिला बॉक्सर बनी भावना

भावना धीमान ने कनाड़ा में हुई प्रतियोगिता में 75 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर हिंदुस्तान के साथ-साथ कैथल का भी नाम रोशन किया है। जिले में भावना से पहले कोई बॉक्सर महीला खिलाडी नहीं है। भावना पहली महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी बनी हैं, जो खेल कोटे में 2017 में एसएसबी में भर्ती हो गई थी। आज भावना धीमान सशस्त्र सीमा बल में अपनी सेवाएं दे रही है।

वालीबॉल का खेल छोड़कर ली बॉक्सिंग की ट्रेनिंग

भावना ने बताया कि वह शुरुआत में वालीबॉल की प्रेक्टिस करने के लिए स्टेडियम में आई थी। उसके बाद उसने कोच राजेंद्र सिंह के पास लड़कों को बॉक्सिंग खेलते देखा तो उसने भी कोच को खेल सिखाने के लिए कहा था। कोच ने पहले मना कर दिया था, लेकिन उसने अगले दिन दोबारा से कोच को सिखाने के लिए कहा। इसके बाद कोच ने हां कर दी थी।

अब अंतराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए करेंगी तैयारी शुरु

आज भावना धीमान सशस्त्त्र सीमा बल में अपनी सेवाएं दे रही है। अब आगे वह अंतराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग स्पर्धा के लिए तैयारी शुरु करेंगी। भावना इससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं लेकिन अब पहली बार अंदरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया था और पहली ही प्रतियोगिता में भावना ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि में भावना के माता-पिता और कोच राजेंद्र सिंह का सबसे ज्यादा योगदान रहा हैं।