डोनाल्ड ट्रंप, जो अब अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं, अपनी दूसरी बार की राष्ट्रपति यात्रा में कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान वह सख्त सुरक्षा घेरे में थे और एक बंदूक की गोली उनके पास से गुजरने के बावजूद उनका बाल भी बांका नहीं कर पाई। ट्रंप की इस जीत पर जहां कुछ लोग जश्न मना रहे हैं, वहीं कमला हैरिस की हार से कुछ लोग दुखी हैं।
इस चुनाव के बाद एक पुरानी सीरीज चर्चा में आ गई है, जो अमेरिकी चुनाव की असलियत को बयां करती है। यह सीरीज करीब 11 साल पुरानी है और अमेरिकी राजनीति की सच्चाई को पर्दे पर पेश करती है। सीरीज का नाम है ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ (House of Cards), जो 2013 में रिलीज हुई थी और इसने नेटफ्लिक्स को एक नई पहचान दी।

सीरीज की कहानी:
‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ में अमेरिकी राजनीति के अंदर के धोखे, झूठ और फरेब को बखूबी दिखाया गया है। इसमें ऑस्कर विनर अभिनेता केविन स्पेसी ने लीड किरदार फ्रेंक अंडरवुड का निभाया है, जो अमेरिका का राष्ट्रपति बनने का सपना देखता है और उसे पाने के लिए हर तिकड़म अपनाता है।

सीरीज की शुरुआत एक सांसद के नॉमिनेशन से होती है, जहां बड़े पद के लिए सियासी चालें चलकर उसे छोटे पद पर संतोष करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके बाद, फ्रेंक अंडरवुड की राजनीतिक चालों से सियासत हिल जाती है और पूरी कहानी का रंग बदल जाता है।
चर्चा और सफलता:
सीरीज को दर्शकों द्वारा बहुत पसंद किया गया था और IMDb पर इसने 10 में से 8.6 रेटिंग प्राप्त की थी। इसके अलावा, इस सीरीज ने 7 एमी अवार्ड्स भी जीते थे। 2013 में जब ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ रिलीज़ हुई थी, उस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की दुनिया नई थी और यह लोगों तक आसानी से नहीं पहुंच पाती थी। हालांकि, इस सीरीज ने नेटफ्लिक्स को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया और सालों बाद भी इसे दर्शकों ने देखा और सराहा।

इस सीरीज ने अमेरिकी चुनावों की राजनीति के घिनौने पक्ष को उजागर किया और ट्रंप की जीत के बाद यह फिर से सुर्खियों में है। अब, लोग एक बार फिर इस सीरीज को देख रहे हैं, जो राजनीति के पीछे के धोखाधड़ी और साजिशों को बड़े पर्दे पर पेश करती है।





