एचएयू में पहुंचे राज्यपाल, ‘उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन’ में की शिरकत

हिसार

हिसार में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में विश्व उद्यमिता दिवस के उपलक्ष्य पर ‘उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यातिथि के रूप में हरियाणा प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शिकरत की। समारोह में ‘एबिक के सफल स्टार्टअप’ नामक पुस्तिका का विमोचन विमोचन किया।  इस सम्मेलन में हकृवि के अतिरिक्त जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से छात्र और छात्राओं ने भी हिस्सा लिया।

21 अगस्त को मनाया जाता है विश्व उद्यमी दिवस

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बताया कि उद्यमिता की महत्तवता को ध्यान में रखते हुए दुनियाभर में 21 अगस्त का दिन विश्व उद्यमी दिवस के रूप में मनाया जाता है। उद्यमिता का अर्थ है साहस, संघर्षशीलता और नए विचारों का सामर्थ्य। यह एक ऐसी भावना है जिसमें व्यक्ति नए विचारों से प्रोत्साहित होकर आगे बढ़ता है और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समाज में विभिन्न नए क्षेत्रों में कार्य करने का साहस करता है।

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उन्होंने बताया कि हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से अब तक लगभग 1 करोड़ 37 लाख लोगों को कुशल बनाया गया है और नए सफल भारत के लिए तैयार किया गया है।

नए तकनीकी उत्पाद और सेवाएं की जा रही विकसित

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार ने उद्यमिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जैसे कि स्टार्ट अप इंडिया अभियान के तहत स्टार्ट अप्स को वित्तीय सहायता और विभिन्न समर्थन सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारत में डिजिटल अवसरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नए तकनीकी उत्पाद और सेवाएं विकसित की जा रही है जो उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद कर रही है।

विदेशी निवेश को बढ़ावा दे रही सरकार

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारतीय उद्योगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। भारत सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन व उन्नत भारत योजना जैसी स्कीम शुरू कर उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विभिन्न निवेश सुविधाएँ प्रदान की है।

चार हजार से अधिक युवा करवा चुके स्टार्टअप्स का पंजीकरण

हरियाणा सरकार भी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण रूप से कार्यरत है। राज्य सरकार ने हरियाणा उद्यम और रोजगार नीति लागू की है। इस नीति का लक्ष्य पाँच लाख नई नौकरियों का सृजन करने के साथ-साथ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाना और निर्यात को दोगुणा करना है।

सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों के फलस्वरूप स्टार्टअप इण्डिया कार्यक्रम में हरियाणा अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। राज्य में अब तक चार हजार से अधिक युवा स्टार्टअप्स का पंजीकरण करवा चुके हैं।