Cinema Stories : शाहरुख खान की फिल्म Jawan 7 सिंतबर 2023 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म शाहरुख गंजे लुक में नजर आए। उनका ये लुकर शिवाजी दा बॉस में रजनीकांत के लुक से काफी मिलता-जुलता है। कहा जा रहा है कि शाहरुख 34 साल के लंबे करियर करियर में पहली बार गंजे के रुप में किरदार निभाया है। लेकिन ये बात गलत है क्योंकि 1995 में शाहरुख खान की एक फिल्म आई थी, ‘गुड्डू’। जैसा की नाम से ही जाहिर फिल्म की कहानी गुड्डू नाम के लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है। इस फिल्म में वे बिना बालों के लुक में दिखाई दे चुके है।

गुड्डू बहादुर एक अमीर एडवोकेट विक्रम और उसकी पत्नी कविता का इकलौता बेटा था। कविता धार्मिक स्वभाव की स्त्री थी लेकिन विक्रम बिल्कुल नास्तिक। कॉलेज में पढ़ने वाले गुड्डू को सालिना गुप्ता से प्यार हो जाता है। एक दिन दोनों कार से कहीं जा रहे थे कि कार का एक्सीडेंट हो जाता है।

इस कार दुर्घटना में सालिना की आंखों की रौशनी चली जाती है। गुड्डू इस एक्सीडेंट का ज़िम्मेदार खुद को मानता है, सालिना के माता-पिता भी उसे ही दोष देते हैं। सालिना के माता-पिता ने गुड्डू को सालिना से दूर रहने को कहा। सालिना भी मानती थी कि गलती गुड्डू की नहीं थी। वो गुड्डू पर बोझ नहीं बनना चाहती थी इसलिए उसने भी गुड्डू को दूर रहने को कहा।

इसके बाद गुड्डे एक दिन अपने फैमिली डॉक्टर और पिता के बीच की बात-चीत सुन लेते है। उसे पता चलता है कि उसे ब्रेन ट्यूमर है और जीने के लिए कुछ ही महीने हैं। गुड्डू अपनी आंखें सालिना को दान करना चाहता है लेकिन उसके पिता नहीं मानते। गुड्डू कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाता है। गुड्डू के पिता को भी कोई बीमारी हो जाती है और वो अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं।
कविता अपने पति और बेटे की सलामती के लिए 5 दिन का निर्जला उपवास रखती है। भगवान उसकी प्रार्थना सुन लेता है और विक्रम और गुड्डू की तबीयत ठीक हो जाती है। कविता की मौत भगवान के चरणों में होती है, उसकी आंखें सालिना को दान की जाती हैं। फिल्म के आखिर में सालिना और गुड्डू शादी कर लेते हैं और दोनों को जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं।
मजबूरी में की थी ‘गुड्डू’

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख खान ‘गुड्डू’ में काम नहीं करना चाहते थे। शाहरुख़ खान ने बताया कि प्रेम ललवानी ने एक 12 साल के बच्चे के बारे में ये कहानी लिखी थी। ललवानी ने कहा कि उन्हें SRK में उन्हें गुड्डू दिखते हैं। शाहरुख़ ने समझाया कि वो किसी भी हाल में 12 साल के लड़के की तरह नहीं दिखते हैं, बाद में मेन रोल को कॉलेज का स्टूडेंट बनाया गया। कहानी सुनाते हुए ललवानी रोने लगे और शाहरुख ने फिल्म करने के लिए हां कर दी। कुछ लेखों में ये भी दावा किया गया है कि शाहरुख़ ने ये फिल्म सिर्फ पैसों के लिए की थी। इस फिल्म को शाहरुख की सबसे बुरी फ़िल्मों में गिना जाता है।





