Hisar में बुधवार को किसान नेताओं ने जन नायक जनता पार्टी(JJP) के सुप्रीमो डा. अजय सिंह चौटाला(Ajay Chautala) से सवाल पूछे। एक छोटे से वीडियो में दिखाया गया है कि किसान पूछ रहे हैं कि 13 फरवरी को खनौरी बॉर्डर(Khanauri Border) पर किसानों पर पुलिस की गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक किसान की मौत हो गई थी और पांच युवकों की आंखें चली गईं थीं। उन्हें पूछा गया कि उनके सरकारी भागीदार के रूप में वे मामले पर क्यों चुप रहे। आपके बनाए हुए विधायक(MLA) भी चुप(Silent) रहे।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को जेजेपी अध्यक्ष अजय चौटाला खरड़ अलीपुर गांव में नैना चौटाला के चुनाव प्रचार के लिए आए थे। इस दौरान, मय्यड़ टोल प्लाजा किसान कमेटी प्रधान राजू खरड़ और बीकेयू जिला अध्यक्ष कुलदीप के नेतृत्व में किसानों ने अजय सिंह चौटाला की गाड़ी को रोका और उनसे सवाल पूछा। अजय सिंह गाड़ी में बैठे रहे थे। किसानों ने उनसे पूछा कि 13 फरवरी को पंजाब के बोर्डरों पर भाजपा सरकार के इशारे पर किसानों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्हें सिर्फ देखते रहने के बाद कोई जवाब नहीं दिया।
इस पर अजय सिंह चौटाला ने कहा, “मेरा बेटा दिग्विजय चौटाला बॉर्डर पर गया था।” इसके बाद, राजू खरड़ ने पूछा, “कौनसे बॉर्डर पर?” और फिर कुलदीप खरड़ ने बताया कि गांव में समुदायिक आराधना के लिए इकट्ठा होने का फैसला किया गया था।जमीनी स्तर पर किसानों ने यह कहकर स्पष्ट किया कि वे सिर्फ सवाल पूछेंगे, विरोध नहीं करेंगे। वे अपनी आवाज़ उठाने का आग्रह करते हैं और कहते हैं कि सरकार ने किसानों की बात नहीं सुनी है।
25 किसानों की गई जान
उन्होंने यह भी दावा किया कि आंदोलन के दौरान 25 किसानों की जान गई थी। अजय चौटाला ने इस पर निंदा की, लेकिन उनके निष्क्रिय रहने पर राजू खरड़ ने कहा कि उन्हें किसानों के साथ होना चाहिए था। मय्यड़ टोल प्लाजा प्रधान राजू खरड़ ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें भी गैस के हमले का सामना करना पड़ा था, और उन्हें तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।







