● कैथल के गांव मानस में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने वाला आरोपी ऋषिपाल गिरफ्तार
● पुलिस ने अल्ट्रासाउंड मशीन और 30,000 रुपये नकद के साथ रंगे हाथों पकड़ा
● आरोपी पर पहले भी 2016 में ऐसा ही मामला दर्ज हो चुका है, पुलिस करेगी रिमांड पर पूछताछ
Illegal Ultrasound Case कैथल जिले के गांव मानस में एक घर के अंदर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में पुलिस ने आरोपी ऋषिपाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास बिना लाइसेंस की अल्ट्रासाउंड मशीन मिली, जिसका उपयोग वह गर्भवती महिलाओं के भ्रूण के लिंग की जांच करने के लिए कर रहा था। इस मामले में सिविल अस्पताल के पीएनडीटी जिला नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी के पास 2015 मॉडल की अल्ट्रासाउंड मशीन रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं है। नियमों के अनुसार, यह मशीन केवल उन्हीं अस्पतालों के पास हो सकती है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हों। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह मशीन कहां से खरीदी और उसने अल्ट्रासाउंड तकनीक कहां से सीखी। साथ ही, उन लोगों की भी तलाश की जा रही है, जो लिंग जांच के लिए आरोपी के पास आते थे।
इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाया था। शनिवार को कैथल और कुरुक्षेत्र की टीमों ने मिलकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर आरोपी तक भेजा, जहां उसने लिंग जांच की कोशिश की, तभी टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। आरोपी के पास से अल्ट्रासाउंड मशीन और 30,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से यह अवैध धंधा चला रहा था। वह गांवों में अलग-अलग जगहों पर मशीनें लगाकर गुप्त रूप से लिंग जांच करता था और इसके बदले 30 से 40 हजार रुपये वसूलता था। पुलिस ने पाया कि आरोपी ने गांव मानस में चंद्र सुनार के घर पर अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई हुई थी, जहां महिलाओं को बुलाकर भ्रूण की जांच की जाती थी।
यह पहली बार नहीं है जब आरोपी ऋषिपाल को इस अपराध में पकड़ा गया है। इससे पहले भी वर्ष 2016 में उसी पर लिंग जांच से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। सदर थाना एसएचओ मुकेश कुमार ने बताया कि डॉ. गौरव पूनिया की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

