हिसार की सेंट्रल जेल-2 में शनिवार को भावुक नजारा देखने को मिला। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से उनके पिता हरीश मल्होत्रा राखी बंधवाने पहुंचे। मुलाकात के दौरान ज्योति अपने पिता को देखकर रो पड़ी और गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगी। पिता ने उसे ढांढस बंधाया और कहा कि वह जल्द जेल से बाहर आएगी।
हरीश मल्होत्रा ने बताया कि ज्योति का कोई भाई नहीं है, इसलिए वह खुद उससे राखी बंधवाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी सगी बुआ की राखी आती है और वही वह लेकर गए थे। मुलाकात के दौरान ज्योति काफी देर तक रोती रही, फिर उन्होंने उसे आशीर्वाद दिया और कहा, “जो हो गया, सो हो गया।”
पिता ने बताया कि पुलिस चाहे ज्योति के खिलाफ चालान पेश करे या न करे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह पूरी तरह निर्दोष है। जेल में राखी बंधवाने के बाद उन्होंने मिठाई खिलाई — आधी खुद खाई और आधी बेटी को खिलाई। उन्होंने वादा किया कि जब ज्योति जेल से बाहर आएगी, तब पूरी मिठाई खिलाएंगे। साथ ही कहा कि उनकी बेटी को गलत तरीके से बदनाम किया गया है और इस दाग के साथ जीना उसके लिए मुश्किल होगा।
हरीश मल्होत्रा ने यह भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि जो भी छोटी गलतियां हुई हों, उन्हें माफ किया जाए। उनका दावा है कि ज्योति को बिना वजह फंसाया गया है।
ज्योति के मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है। जांच के लिए पुलिस के पास 90 दिन का समय था, जो अब समाप्त हो चुका है। संभावना है कि 15 अगस्त या इससे पहले चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। ज्योति के वकील कुमार का कहना है कि अगर शुक्रवार तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई, तो वे डिफॉल्ट बेल के लिए आवेदन करेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
पांच दिन पहले, ज्योति की पेशी के दौरान हरीश मल्होत्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल अशीम घोष को पत्र लिखकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने कोरे कागज पर साइन कराकर खुद बयान लिखा और देशद्रोह की धाराओं के तहत कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।
गौरतलब है कि ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को हिसार पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप हैं। 4 अगस्त को उनकी छठी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसमें न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई।

