➤लाल किले से PM मोदी का GST दरों में कटौती का ऐलान
➤3.5 करोड़ नौकरियों के लिए नई योजना शुरू
➤दिवाली से पहले महंगाई पर राहत देने का वादा
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 — स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को दो बड़े तोहफे दिए।
पहला, उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ लॉन्च की, जिसके तहत 1 लाख करोड़ रुपये का फंड रखा गया है और दावा किया गया कि इससे 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा।
दूसरा, उन्होंने दिवाली तक नए GST रिफॉर्म्स लागू करने की घोषणा की, जिससे आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों के दाम घट सकते हैं।
दिवाली से पहले टैक्स कटौती की सौगात
PM मोदी ने कहा—
“GST को 8 साल हो गए हैं। हमने उसका रिव्यू किया और उसे सरल बनाने का फैसला लिया है। दिवाली से पहले नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स लागू होंगे, टैक्स घटेगा, रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 12% GST स्लैब को खत्म कर उसमें आने वाले सामान—जैसे टूथपेस्ट, बर्तन, कपड़े, जूते—को 5% स्लैब में ला सकती है।
अभी GST में 5%, 12%, 18% और 28% के चार टैक्स स्लैब हैं। प्रस्ताव है कि इसे घटाकर दो स्लैब किया जाए—एक रियायती और एक सामान्य।
GST सुधारों के तीन बड़े आधार
- ढांचागत सुधार
- इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर खत्म होगा—यानि कच्चे माल और तैयार माल के टैक्स में संतुलन लाया जाएगा, ताकि कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को बढ़ावा मिले।
- टैक्स रेट का सरलीकरण
- रोजमर्रा और महत्वाकांक्षी वस्तुओं पर टैक्स घटेगा।
- 4 स्लैब की जगह 2 स्लैब होंगे—एक स्टैंडर्ड, एक रियायती।
- कंपनसेशन सेस खत्म होने से टैक्स स्ट्रक्चर आसान होगा।
- जीवन को आसान बनाना
- छोटे कारोबारियों के लिए तेज और तकनीक-आधारित रजिस्ट्रेशन।
- प्री-फिल्ड GST रिटर्न्स, जिससे मैनुअल एंट्री और गलतियां कम हों।
- निर्यातकों के लिए ऑटोमैटिक रिफंड प्रोसेस।
GST के 8 साल: कलेक्शन और टैक्सपेयर्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
- 2024-25 में ग्रॉस GST कलेक्शन 22.08 लाख करोड़ रुपये, जो 2020-21 में 11.37 लाख करोड़ था—यानि 5 साल में दोगुना।
- 2017 में GST लागू होने पर टैक्सपेयर्स की संख्या 65 लाख थी, जो अब 1.51 करोड़ से अधिक है।
- औसतन 2024-25 में 1.84 लाख करोड़ रुपये प्रति माह का कलेक्शन हुआ।
GST: कैसे काम करता है
GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है जो 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ। इसने VAT, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी जैसे कई टैक्सों को बदल दिया।
इसके चार हिस्से हैं:
- CGST – केंद्र के लिए
- SGST – राज्य के लिए
- IGST – अंतरराज्यीय लेन-देन और आयात पर
- सेस – लग्जरी या विशेष वस्तुओं पर
दिवाली पर क्या सस्ता हो सकता है?
12% GST में आने वाले संभावित सस्ते होने वाले सामान—
- टूथपाउडर, सैनिटरी नैपकिन, हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट
- रेडीमेड गारमेंट, जूते (₹500–₹1000)
- पानी के फिल्टर, प्रेशर कुकर, बर्तन, इलेक्ट्रिक आयरन, वॉशिंग मशीन
- साइकिल, विकलांगों के लिए वाहन
- कुछ वैक्सीन, डायग्नोस्टिक किट, आयुर्वेदिक दवाएं

