नई दिल्ली: दिल्ली के नरेला इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक स्विमिंग पूल में तैराकी सीखने गई दो नाबालिग बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटना हुई है। इस घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 7 अगस्त को लामपुर बस अड्डे के पास स्थित एक निजी स्विमिंग पूल में घटी। 9 और 12 साल की दो मासूम बच्चियां यहाँ स्विमिंग सीखने आई थीं। आरोप है कि स्विमिंग पूल में केयरटेकर का काम करने वाले अनिल कुमार और मुनील कुमार ने इन बच्चियों को बंधक बना लिया और उनके साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं।
धमकी के डर से चुप्पी
आरोपियों ने बच्चियों को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी से डरी हुई बच्चियों ने शुरू में अपने परिवार को कुछ नहीं बताया। लेकिन जब उनकी माँ ने उन्हें दोबारा तैराकी के लिए जाने को कहा, तो उन्होंने साफ मना कर दिया।
परिवार के दबाव डालने पर, बच्चियों ने हिम्मत कर सारी बात बताई। इसके बाद, पीड़ित बच्चियों की माँ ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद, नरेला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 अगस्त को पॉक्सो (POCSO) एक्ट, गैंगरेप और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। गहन जाँच के बाद, पुलिस ने दोनों आरोपियों अनिल कुमार (37) और मुनील कुमार (24) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर स्विमिंग पूल परिसर से कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं, जिसमें तकिए का कवर, चादर और कंडोम के खाली पैकेट शामिल हैं। पुलिस ने फिलहाल स्विमिंग पूल को सील कर दिया है और मामले की आगे की जाँच जारी है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि हमारे समाज में बच्चों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक सख़्त कदम उठाने की ज़रूरत है।

