हरियाणा के रोहतक के माडोधी गांव के किसान जयबीर ने पपीते की खेती कर लाखों रुपये कमाए है। जयबीर ने अपने गांव मडोधी जाटान में 22 एकड़ में पपीते की खेती करनी शुरू की है। एक एकड़ पपीते की खेती में 80 से 85 हजार रुपये का खर्चा आया है। जिसमे सरकार ने 43 प्रतिशत सब्सिडी देकर किसान की आधी परेशानी दूर कर दी है। अभी तक किसान जयबीर एक एकड़ में 5 लाख रुपये का पपीता बेच चुका है।
आमदनी बढ़ने से गदगद किसान ने दूसरे किसानों से अपील की है कि वह परंपरागत खेती छोड़ कर सब्जी व बागवानी की खेती करें जिससे उनकी इनकम बढ़ सके। वंही बागवानी विभाग के अधिकारी भी किसानों को सब्जी व बागवानी की खेती करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। जिसको लेकर वह किसानों को सरकार की स्कीम के बारे में बताते हैं।

बागवानी खेती पर 43 प्रतिशत सब्सिडी दे रही सरकार
बागवानी विभाग के निदेशक डॉक्टर रणवीर सिंह ने बताया कि हरियाणा में किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जी व बागवानी की खेती करनी चाहिए। जिससे उनकी इनकम बढ़ सके। उन्होंने बताया कि सरकार बागवानी की खेती पर सब्सिडी देती है जिससे किसानों को राहत मिल जाती है। बागवानी में सरकार 43 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है ।
आर्मी से रिटायर होने के बाद करने लगे थे जयबीर खेती
रोहतक जिले के मडोधी गांव के किसान जयबीर ने बताया कि वह आर्मी से रिटायरमेंट होने के बाद खेती करने लगा। उसके एक साथी ने उसे सब्जी व फल की खेती करने की सलाह दी जिसके बाद उसने 22 एकड़ में पपीते की पौयध लगाई। जिसमे उसको नुकसान हो गया लेकिन बागवानी विभाग के अधिकारियों ने उसे फीर पपीते की खेती करने की सलाह दी जिसके बाद उसने पपीते की खेती के साथ साथ सब्जी की खेती करनी शुरू कर दी।

दूसरे किसानों को भी दे रहे बागवानी खेती करने की सलाह
बागवानी विभाग के अधिकारियों ने उसे सब्जी व पपीते की खेती के बारे मे सारी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में 80 से 85 हजार रुपये का खर्चा आता है जिसमे 43 प्रतिशत सरकार सब्सिडी देती है। किसान ने बताया कि बागवानी विभाग की जानकारी के अनुसार वह पपीते की खेती की है। उन्होंने अब तक एक एकड़ डेढ़ लाख रुपये का पपीता बेच दिया है जिसमे एक एकड़ में 5 लाख पपीते ओर निकलेगा। किसान जयबीर ने और भी किसानों से अपील की है कि वह परंपरागत खेती छोड़कर सब्जी वह बागवानी की खेती की तरफ बढ़े ताकि वह अपने परिवार की आमदनी बढ़ा सके।

