हरियाणा के जींद जिले में आज किसान संगठनों ने किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन किया है। यह महापंचायत सुबह 10 बजे उचाना की अतिरिक्त कपास मंडी में होगी।
महापंचायत से पहले, शनिवार-रविवार रात पुलिस ने Punjab-Haryana बॉर्डर को कैथल के गुहला चीका और संगतपुरा के पास सीमेंट की बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया है। उचाना थाना के SHO पवन कुमार ने बताया कि किसानों ने महापंचायत के लिए अनुमति नहीं ली, इसलिए बॉर्डर बंद किया गया है।
50 हजार किसानों की जुटान का दावा
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने दावा किया है कि महापंचायत में हरियाणा के अलावा पंजाब से 50 हजार किसान शामिल होंगे। कोहाड़ ने कहा कि पंचायत की तैयारी पूरी हो चुकी है, और बड़ी संख्या में किसान इसमें भाग लेंगे।
महापंचायत का उद्देश्य
अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि महापंचायत का मुख्य उद्देश्य पिछले 10 सालों में किसान-मजदूरों और बेरोजगारों पर हुए अत्याचारों का विरोध करना है। इस पंचायत के जरिए भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाने की बात कही जा रही है।
राजनीति से दूर रहने का दावा
किसान नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि महापंचायत का किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन करने का उद्देश्य नहीं है। पंचायत का एजेंडा केवल किसानों के मुद्दों, खासकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानून की मांग पर केंद्रित रहेगा।







