Congress की गुटबाजी को लेकर हरियाणा(Haryana) में हलचल है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की टीम अब कार्यवाही में जुटी है। वे दिल्ली में बैठे हैं और सभी लोकसभा सीटों का फीडबैक(Feedback) ले रहे हैं। इसका मुख्या केंद्र करनाल लोकसभा सीट पर है।
बता दें कि अब तक के फीडबैक में दर्जनों सीटों पर कांग्रेस(Congress) का हाल खराब है। जिनमें करनाल के अलावा भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल हैं। यहां कांग्रेस के प्रत्याशियों की गुटबाजी के कारण उनकी प्रतिष्ठा कम हो रही है, जो कि पहले अधिक थी। यह दिखाता है कि कांग्रेस(Congress) का प्रबंधन भी कमजोर हो गया है। राहुल गांधी की टीम को करनाल लोकसभा सीट पर विशेष ध्यान देने की बजाय कांग्रेस(Congress) के अन्य नेताओं को भी चुनौती देनी चाहिए। यहाँ प्रतिस्पर्धा बीजेपी के बहुत मजबूत उम्मीदवार मनोहर लाल खट्टर के साथ है।

कांग्रेस के बड़े नेता केवल कुछ सीटों पर ही एक्टिव नजर आ रहे हैं, जैसे कि सिरसा, सोनीपत और रोहतक। यहाँ कुमारी सैलजा, दीपेंद्र हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी जैसे नेता लड़ रहे हैं। कांग्रेस की नेतृत्व तकनीकी और नेतृत्वीय समर्थन में कमी को लेकर चिंतित है। कई प्रत्याशियों और समर्थकों का कहना है कि गुटबाजी की वजह से 2019 के चुनावों में हार हुई। इस पर राहुल गांधी ने अपनी टीम को एक्टिव करने का आदेश दिया है।

किरण ने बनाया प्रतिद्वंद्वियों को निशाना
कांग्रेस की सांसद किरण चौधरी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाया है, क्योंकि उनका टिकट कटा है। उनके बच्चों ने भी मुद्दे पर आपत्ति जताई है। सिरसा में कांग्रेस की रैली में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ग्रुप के लोग हाथ हिलाते नजर आए, जबकि उनके पीछे के नेता थे। घटना वायरल हो गई है और इससे अंतर्निहित कटुता जताई गई है।







