➤ दिल्ली में ‘आप’ की बढ़ी मुश्किलें, तीन नए घोटालों में ED ने दर्ज किए मनी लॉन्ड्रिंग केस
➤ अस्पताल निर्माण, CCTV और शेल्टर होम घोटाले में ईडी का शिकंजा, 5590 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
➤ जल्द ही ‘आप’ नेताओं को ED का समन संभव, पंजाब में भी घोटाले का आरोप
दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दो दिन पूर्व ही जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना में कथित घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की जांच शुरू हुई थी, और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तीन और नए कथित घोटालों के संबंध में आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज कर लिए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकती है।
ED ने आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए तीन अलग-अलग बड़े घोटालों में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए हैं। इन घोटालों में अस्पताल निर्माण घोटाला, सीसीटीवी घोटाला और शेल्टर होम (डूसिब) घोटाले के मामले शामिल हैं। इन गंभीर आरोपों को लेकर ED ने अपनी जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही ‘आप’ के बड़े नेताओं को पूछताछ के लिए ED समन भेज सकती है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अस्पताल निर्माण घोटाले में 5590 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन की भूमिका सवालों के घेरे में है। ACB पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि ‘आप’ सरकार ने 2018-19 में 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिनमें से सात ICU अस्पताल 6 महीने में बनने थे, लेकिन तीन साल बाद भी काम अधूरा है। इन अस्पतालों पर 800 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन केवल 50% काम ही पूरा हुआ। इसी प्रकार, लोकनायक अस्पताल में बन रहे 22 मंजिला ब्लॉक की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई। कई जगहों पर बिना मंजूरी के निर्माण करने का भी आरोप है। दिल्ली के अस्पतालों को हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) से 2016 में जोड़ा जाना था, जो जानबूझकर लंबित रखा गया।
सीसीटीवी घोटाले में 571 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। वर्ष 2019 में दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को ठेका मिला, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हुआ। BEL पर 17 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे बाद में बिना किसी ठोस कारण के माफ कर दिया गया। आरोप है कि इसके बदले में सत्येंद्र जैन को ठेकेदारों के माध्यम से 7 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई।
तीसरा मामला शेल्टर होम डूसिब घोटाले का है। ‘आप’ सरकार के समय दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) से जुड़े कई घोटाले सामने आए हैं। इसमें फर्जी एफडीआर (FDR) के जरिए 207 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इसके अलावा, पटेल नगर में 15 लाख रुपये के सड़क निर्माण में घोटाला, फर्जी कागजात और लॉकडाउन में दिखाए गए काम में 250 करोड़ रुपये के शेल्टर होम घोटाले का भी आरोप है। घोस्ट वर्कर के नाम पर सैलरी और पैसा नेताओं तक कमीशन के रूप में पहुंचाने के आरोप भी लगे हैं। इन सभी मामलों की जांच पहले से ही सीबीआई (CBI) और एसीबी (ACB) कर रही हैं, और उन्हीं की FIR के आधार पर ED ने अब मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज किए हैं।
दिल्ली सरकार में मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने इन मामलों पर ‘आप’ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “AAP ने दिल्ली को खूब लूटा है। अखबारों और टीवी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करके अरविंद केजरीवाल ने सोचा कि उन्होंने अपनी ईमानदार छवि बना ली है। अरविंद केजरीवाल ने हर चीज में धोखाधड़ी की है, ये दिल्ली के घोटाले हैं। पंजाब के घोटाले अलग से हैं। पंजाब को उन्होंने अब लूटने का ठिकाना बना रखा है, ‘आप’ की सारी लुटेरों की फौज आजकल पंजाब में है, लेकिन वो ये भूल गए हैं कि आपको जब दिल्ली का हिसाब देना पड़ रहा है तो पंजाब का भी हिसाब देना पड़ेगा।”

