➤ विजिलेंस और ACB की बड़ी रेड
➤ एक लाख की रिश्वत लेते प्राइवेट व्यक्ति रंगे हाथों गिरफ्तार
➤ ASI संदीप के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
गुरुग्राम साइबर थाना केस में आरोपी से नाम हटवाने की एवज में मांगी थी रिश्वत, हिमांशु शर्मा को ACB ने 1 लाख की नकद रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), पंचकूला की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमांशु शर्मा निवासी नारनौल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने यह रिश्वत ASI संदीप, थाना साइबर साउथ गुरुग्राम के नाम पर मांगी थी। यह कार्रवाई नारनौल-रेवाड़ी बाईपास पर की गई।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ACB गुरुग्राम को दी शिकायत में बताया कि उसके विरुद्ध मुकदमा संख्या 156 दिनांक 9 जून 2025 धारा 318(4), 319 BNS थाना साइबर क्राइम, गुरुग्राम में जांच चल रही थी। तफ्तीश अधिकारी ASI संदीप ने शिकायतकर्ता को फोन कर बताया कि उसका नाम केस में आ गया है। इससे घबराकर उसने अपने दोस्त हिमांशु शर्मा से बात की, जिसने कहा कि उसका एक जानकार पुलिसकर्मी विनोद इस मामले में मदद कर सकता है।
इसके बाद हिमांशु और विनोद ने मिलकर कथित तफ्तीश अधिकारी से “डील” करवा दी और शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई, ताकि उसका नाम केस से हटवा दिया जाए। शिकायतकर्ता ने यह बात ACB को बताई, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और हिमांशु शर्मा को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ FIR संख्या 28, दिनांक 30 जुलाई 2025, धारा 7 और 7A भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे आज माननीय न्यायालय, नारनौल में पेश किया जाएगा।
यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते बिचौलियों और रिश्वतखोरी के रैकेट पर कड़ा प्रहार मानी जा रही है। ACB अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि कानून का डर हर भ्रष्ट व्यक्ति में होना चाहिए, और इस प्रकार की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।