➤ घरौंडा SDM की सरकारी गाड़ी जब्त
➤ कोर्ट आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई
➤ जमीन विवाद में तहसीलदार-पटवारी पर लापरवाही के आरोप
हरियाणा के घरौंडा एसडीएम राजेश सोनी की सरकारी गाड़ी को कोर्ट आदेशों की अवहेलना पर जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब गांव कालरो निवासी बलबीर सिंह द्वारा दायर किए गए केस में बार-बार नोटिस के बावजूद अधिकारियों ने कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया।
दरअसल, मामला चकबंदी वाली जमीन के विवाद से जुड़ा है। बलबीर सिंह का कहना है कि वह 76 कनाल जमीन का मालिक है, लेकिन चकबंदी में उसे केवल 10 कनाल जमीन दी गई। इस पर उसने कोर्ट में केस दायर किया। कोर्ट से डिक्री होने के बाद तहसील कार्यालय को रिकॉर्ड सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी ने आदेशों की अनदेखी की।
एडवोकेट पीपी एसएन भारद्वाज ने बताया कि कोर्ट से स्पष्ट आदेश थे कि रिकॉर्ड को ठीक किया जाए, लेकिन बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने सुधार नहीं किया। इस लापरवाही को देखते हुए कोर्ट ने घरौंडा एसडीएम की सरकारी गाड़ी को जब्त करने का आदेश दिया।
कानूनन कोर्ट सरकार की किसी भी प्रॉपर्टी को अटैच कर सकती है। चूंकि इस मामले में सरकार भी पार्टी थी और घरौंडा के वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम हैं, इसलिए कोर्ट ने गाड़ी जब्त करने का फैसला लिया।
अब इस मामले में कोर्ट ने 25 अगस्त की तारीख तय की है। अगर तब तक रिकॉर्ड को ठीक नहीं किया गया तो कोर्ट चार्जशीट जारी करने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दे सकती है।
एडवोकेट भारद्वाज ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार किसी भी आदेश को छह महीने में लागू करना जरूरी है, लेकिन घरौंडा तहसीलदार कार्यालय ने जानबूझकर इस मामले को लटकाए रखा। सबसे बड़ी जिम्मेदारी पटवारी पर थी, जिसने रिकॉर्ड को सही नहीं किया और कोर्ट की अवमानना कर दी।

