➤ CM नायब सैनी के आगमन से पहले फतेहाबाद में BJP पदाधिकारियों व समर्थकों पर FIR
➤ एडवोकेट विनय शर्मा की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ मामला
➤ पुलिस की देरी पर कोर्ट ने लगाई फटकार, FIR दर्ज करने में एक सप्ताह से ज्यादा का समय लगा
फतेहाबाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आगमन से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां तीन भाजपा पदाधिकारियों और दो समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। यह कार्रवाई सीजेएम सुयशा जावा की अदालत के आदेश पर हुई। हालांकि, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में एक सप्ताह से अधिक समय की देरी कर दी, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और पुलिस को फटकार लगाई।
मामला तब उठा जब जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट विनय शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने देशद्रोह के आरोपी ताज मोहम्मद का केस लेने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। उन्हें “सेटिंग बाज” कहा गया और फेसबुक व वॉट्सऐप ग्रुप में भली-बुरी बातें लिखी गईं।
एफआईआर भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य धनंजय अग्रवाल, किसान मोर्चा जिला सचिव लायक राम गढ़वाल, सीए प्रकोष्ठ के जिला प्रमुख सीए ललित जग्गा, और समर्थक सज्जन गोदारा व दीपक सोनी के खिलाफ दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया कि इन लोगों ने लगातार सोशल मीडिया पर एडवोकेट विनय शर्मा को देशद्रोही का केस लड़ने वाला, कांगी-वामी विचारधारा से जुड़ा और सेटिंग बाज बताते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
विनय शर्मा के अनुसार, धनंजय अग्रवाल ने फेसबुक पर लिखा कि “ऐसे लोग फंडिंग लेकर गद्दारों के पक्ष में खड़े होते हैं।” वहीं, सज्जन गोदारा की आईडी से कमेंट आया कि “एक सर्जिकल स्ट्राइक यहां पर भी जरूरी है।“
शिकायत में ये भी कहा गया कि लायक राम गढ़वाल ने वॉट्सऐप ग्रुप में लिखा कि “कांग्रेसी वकील देशद्रोही का केस लड़ रहा है।” इन सभी कमेंट्स के स्क्रीनशॉट विनय शर्मा ने पुलिस व कोर्ट को सबूत के तौर पर दिए।
कोर्ट के आदेश पर भले ही एफआईआर दर्ज हो गई हो, लेकिन पुलिस अधिकारी मीडिया से जानकारी छिपाते नजर आए। साइबर थाना प्रभारी राहुल देव ने एफआईआर की जानकारी से इनकार किया और कहा कि वह बाहर हैं। वहीं, पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार लगातार टालमटोल करते रहे और कई बार पूछे जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं दे सके।
इस पूरे विवाद ने न सिर्फ भाजपा के अंदरूनी माहौल को गरमाया है बल्कि फतेहाबाद की राजनीतिक फिजा भी बदल दी है। खासकर उस वक्त जब मुख्यमंत्री का आगमन होने जा रहा है, यह घटना भाजपा नेताओं के लिए असहज स्थिति खड़ी कर रही है।

