➤ हरियाणा के CEO ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस
➤ 10 दिन में शपथ पत्र जमा करने का निर्देश
➤ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियम के तहत कार्रवाई की तैयारी
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने रविवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें उनसे 10 दिनों के भीतर हस्ताक्षरित शपथ पत्र जमा करने को कहा गया है। यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत की जा रही है।
चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शपथ पत्र जमा करने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि यह मामला मतदाता पंजीकरण या निर्वाचन सूची में दर्ज विवरण से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि अगर राहुल गांधी तय समयसीमा में यह दस्तावेज जमा नहीं करते, तो उनके खिलाफ निर्वाचन कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की संभावना है। यह नोटिस हरियाणा की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर तब जब राज्य में चुनावी हलचल तेज़ हो रही है।
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस भेजकर उनके वोट चोरी वाले बयान पर सबूत मांगे हैं।
राहुल ने 7 अगस्त को आरोप लगाया था कि महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोट चोरी हुए हैं और एक महिला ने दो बार मतदान किया।
CEO ने रविवार को कांग्रेस नेता को भेजे लेटर में लिखा कि राहुल ने प्रेजेंटेशन में जो दस्तावेज और स्क्रीन शॉट दिखाए, वे चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। उन्होंने लिखा,
जांच में यह भी सामने आया कि जिस महिला पर दो बार वोट डालने का आरोप लगाया गया, उसने खुद यह बात नकार दी है।
CEO ने राहुल से कहा कि वे वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं, जिनके आधार पर उन्होंने ये आरोप लगाए हैं, ताकी विस्तृत जांच हो सके।
बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। 7 अगस्त को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में उन्होंने 1 घंटे 11 मिनट का 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर करीब 1 लाख फर्जी वोट होने का दावा किया।
राहुल ने आरोप लगाया कि कर्नाटक चुनाव आयोग, महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव आयोग ने BJP के साथ मिलकर चुनाव चुराए। उन्होंने कहा कि केवल महादेवपुरा सीट पर ही 6.5 लाख वोट में से 1 लाख फर्जी पाए गए। कांग्रेस के रिसर्च में पता चला कि एक ही पते पर दर्जनों वोटर, डुप्लीकेट वोटर और फर्जी पते वाले वोटर शामिल हैं।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने भी रविवार को राहुल गांधी को पत्र भेजा है, जिसमें उनसे 10 दिनों में हस्ताक्षरित शपथ पत्र जमा करने को कहा गया है, ताकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।
ECI ने भी कहा है कि अगर राहुल अपने आरोपों पर कायम हैं, तो उन्हें हलफनामा देकर आरोप साबित करना चाहिए, अन्यथा उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल ने प्रेजेंटेशन में 5 तरीकों से वोट चोरी का दावा किया—
- डुप्लीकेट वोटर्स – एक ही व्यक्ति के कई नाम अलग-अलग बूथ पर।
- फेक एड्रेस – हजारों मतदाताओं के पते फर्जी।
- एक पते पर कई वोटर – एक घर पर 80 से अधिक मतदाता।
- अवैध फोटो – हजारों आईडी में गलत या पहचान से बाहर तस्वीरें।
- फॉर्म-6 फर्जीवाड़ा – एक ही व्यक्ति के नाम पर बार-बार नया वोटर कार्ड।
राहुल ने कहा कि इन सबूतों को जुटाने में 6 महीने लगे और अगर इन्हें एक साथ रखा जाए तो यह 7 फीट ऊंचे कागजों का ढेर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ने जानबूझकर नॉन मशीन रीडेबल पेपर्स दिए, ताकि डेटा की जांच मुश्किल हो।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को गुमराह करने वाला करार दिया है। वहीं, राहुल का कहना है कि चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट बंद कर दी है क्योंकि वह जनता के सवालों से बच रहा है।

