रिश्वत या रसगुल्ला 10

कांग्रेस विधायक और भाजपा पार्षद के बीच हाथापाई का मामला, EO समेत 6 अफसरों को नोटिस, जानें बड़े फैसले

हरियाणा की बड़ी खबर

विधानसभा की प्रिविलेज कमेटी में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा की सुनवाई शुरू
भाजपा पार्षद प्रतिनिधि से कथित हाथापाई का मामला, आधा दर्जन अफसरों को भेजे जाएंगे नोटिस
कुल 4 शिकायतें विचाराधीन, कमेटी तथ्यों के आधार पर लेगी निष्पक्ष फैसला


हरियाणा विधानसभा की विशेषाधिकार समिति यानी प्रिविलेज कमेटी की पहली बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई, जिसमें कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा उर्फ निंदी के बीच कथित हाथापाई के मामले पर सुनवाई की गई। यह घटना कुरुक्षेत्र जिले की थानेसर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में दो महीने पहले हुई थी, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी।

कमेटी के अध्यक्ष एवं मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि बैठक में विधायक अशोक अरोड़ा से घटना की पूरी जानकारी, दस्तावेज और सबूत लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और समिति इस पर पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों के नाम शिकायत में आए हैं, उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे और महीने के अंत तक पेश होने को कहा जाएगा

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प्रिविलेज कमेटी के पास फिलहाल चार मामले लंबित हैं, जिन पर अलग-अलग चरणों में सुनवाई होनी है। लेकिन सबसे पहले अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के विवाद वाले मामले को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह सीधे एक जनप्रतिनिधि की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

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क्या है पूरा मामला?

थानेसर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में जब कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बैठक में भाजपा पार्षद प्रवीण शर्मा के पति और प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा भी मौजूद हैं। चूंकि बैठक में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री प्रतिबंधित थी, अरोड़ा ने शर्मा की मौजूदगी का विरोध किया। इससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो हाथापाई में बदल गई।

गवाही के अनुसार, दोनों नेता अपनी-अपनी कुर्सियों से उठे और भिड़ गए। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी (PSO) ने बीच-बचाव किया और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।


कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के गंभीर आरोप

1. पूर्व मंत्री के इशारे पर हमला:
अशोक अरोड़ा का कहना है कि उन पर हमला पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के इशारे पर हुआ। उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के कथित घोटाले को ग्रीवेंस मीटिंग में उजागर किया था। अरोड़ा ने मांग की है कि हाउस की बैठकें सुरक्षा घेरे में हों और घोटाले की जांच किसी रिटायर्ड जज से करवाई जाए।

2. SP और DC से शिकायत:
उन्होंने आरोप लगाया कि हमला पूर्व नियोजित था और इस बारे में उन्होंने एसपी और डीसी से लिखित शिकायत भी की है। अगर कार्रवाई नहीं होती तो वह इस मामले को विधानसभा स्पीकर के समक्ष उठाएंगे


पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा के जवाबी आरोप

निंदी उर्फ नरेंद्र शर्मा ने अरोड़ा पर तीन उम्मीदवार खड़े करने, पैसे का ऑफर देने और खरीदने की कोशिश करने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि अरोड़ा ने उन्हें 20-25 लाख रुपए का लालच दिया और भाजपा में शामिल न होने का दबाव बनाया।

शर्मा ने कहा –
“ये आदमी कभी मेरा नहीं हो सका, तो अपने घरवालों का भी नहीं हो सका। अगर बिकना होता तो मैं कब का बिक गया होता।”

उन्होंने अरोड़ा पर व्यक्तिगत हमले करते हुए कहा कि उन्होंने मुझे मेरे बेटे की कसम खिलाने तक की कोशिश की, और मेरे खिलाफ साजिश रची ताकि राजनीतिक नुकसान पहुंचाया जा सके।


प्रिविलेज कमेटी का अगला कदम

कमेटी अब EO सहित करीब आधा दर्जन अधिकारियों को नोटिस भेजेगी और साक्ष्य के आधार पर उनकी गवाही लेगी। कमेटी अध्यक्ष मूलचंद शर्मा का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि विधानसभा सदस्य के विशेषाधिकार का उल्लंघन भी हो सकता है। इसलिए प्रक्रिया पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।