➤ करनाल में 100 एकड़ में बनेगा फार्मा पार्क
➤ ₹2,000 करोड़ निवेश और 25,000 रोजगार की संभावना
➤ सीएम ने औद्योगिक नीति में बदलाव के संकेत दिए
हरियाणा के करनाल जिले में राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी और दूरगामी प्रभाव डालने वाली फार्मा पार्क परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह पार्क लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा और इसे नेशनल हाईवे-1 के पास विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के फार्मास्युटिकल सेक्टर को एक नई पहचान मिलेगी।
इस परियोजना को हरियाणा फार्मास्युटिकल नीति-2019 के तहत लागू किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा को दवा निर्माण और निर्यात का प्रमुख हब बनाना है। सरकार का दावा है कि यह पार्क आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
बड़ी उम्मीदें और आंकड़े
अधिकारियों के मुताबिक, इस फार्मा क्लस्टर में ₹2,000 करोड़ तक का निवेश आने की संभावना है। इसके साथ ही, लगभग 25,000 रोजगार के अवसर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या में कमी आएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य
इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) के पास होगी। HSIIDC इस पार्क में चौड़ी सड़कें, सीवेज लाइन, पानी की आपूर्ति, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण करेगा।
साथ ही, पार्क में फार्मा कंपनियों को रेडी-टू-मूव इंडस्ट्रियल प्लॉट्स दिए जाएंगे, जिससे उन्हें सेटअप शुरू करने में समय की बचत होगी। सरकार ने इसके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करने की भी योजना बनाई है।
सीएम का रुख और नीति में बदलाव के संकेत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना के लिए पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि यह प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो औद्योगिक नीति में संशोधन करके निवेशकों को और अधिक सुविधाएं और रियायतें दी जाएंगी, ताकि परियोजना में देरी न हो।
सीएम ने कहा, “यह पार्क न केवल उद्योग जगत को मजबूती देगा, बल्कि हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।”
आर्थिक और सामाजिक लाभ
- आर्थिक विकास: प्रदेश की जीडीपी में योगदान बढ़ेगा।
- रोजगार सृजन: युवाओं और तकनीकी स्नातकों को लाभ।
- निर्यात में वृद्धि: दवाओं और हेल्थकेयर उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा।
- स्थानीय कारोबार को बढ़ावा: छोटे और मध्यम उद्योगों को सप्लाई चेन में अवसर।
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि करनाल का भूगोल, दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच की लोकेशन, और नेशनल हाईवे कनेक्टिविटी इसे एक आदर्श स्थान बनाते हैं। यहां फार्मा इंडस्ट्री को कच्चा माल, लेबर और बाजार—तीनों आसानी से उपलब्ध होंगे।

