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हरियाणा के नए राज्यपाल असीम घोष चंडीगढ़ पहुंचे, जानें कब लेंगे शपथ

हरियाणा की बड़ी खबर

हरियाणा के नए राज्यपाल असीम घोष चंडीगढ़ राजभवन पहुंचे

21 जुलाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे; बंडारू दत्तात्रेय की लेंगे जगह

विपक्ष के सुझावों को सुनने और आमजन के हित में काम करने का संकल्प

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हरियाणा के नए राज्यपाल असीम घोष आज चंडीगढ़ राजभवन पहुँच गए हैं। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर प्रदेश के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए घोष ने कहा कि हरियाणा के महान लोगों के लिए कार्य करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया, जिससे आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके। असीम घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वे विपक्ष के सुझावों को भी ध्यान से सुनेंगे, जो उनके लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

असीम घोष 21 जुलाई को राजभवन में एक समारोह के दौरान अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। वह बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे और हरियाणा के 19वें राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आया था।

असीम घोष का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। वह पश्चिम बंगाल में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं, यह पद उन्होंने 1999 से 2002 तक संभाला था। मूल रूप से हावड़ा के रहने वाले घोष से पहले बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती और हरी आनंद बरारी जैसे नेता भी बंगाल से हरियाणा के राज्यपाल रहे हैं। उन्होंने जून 2013 में हावड़ा लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

असीम घोष को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का करीबी माना जाता था। वे कोलकाता के मनिंद्र चंद कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर भी रहे हैं। घोष ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की जड़ें जमाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में, वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में रहकर भाजपा की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे थे। वाजपेयी ने ही घोष की निपुणता को देखते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल में भाजपा की कमान सौंपी थी। पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक बुद्धिजीवी चेहरे के रूप में है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, और राज्य के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने प्रोफेसर असीम घोष के राज्यपाल बनने पर खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्रवाद को प्रखरता से व्यक्त करने वाले शिक्षाविद् प्रोफेसर असीम घोष के आने से प्रदेश के चहुंमुखी विकास में उनका योगदान बढ़ेगा।

गौरतलब है कि पूर्व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के कार्यकाल के दौरान हरियाणा में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हुए। इनमें पूर्व भाजपा-जजपा सरकार के कार्यकाल में जजपा द्वारा समर्थन वापसी, मनोहर मंत्रिमंडल का इस्तीफा, नायब मंत्रिमंडल का गठन और प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार बनी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शामिल हैं, ये सभी बंडारू दत्तात्रेय की मौजूदगी में हुए थे।