➤ छात्रों के समर्थन में उतरे खड़गे, सुरजेवाला होंगे भेजे गए प्रतिनिधि
➤ छात्रों की मांग: VC को हटाया जाए, लाठीचार्ज में घायल छात्रों के लिए कार्रवाई की मांग
➤ प्रशासन बोला – अब आंदोलन हो चुका है राजनीतिक, 35 छात्रों पर FIR दर्ज
हरियाणा के हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, स्टाइपेंड कटौती और कुलपति के खिलाफ नाराजगी को लेकर चला आ रहा आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों से फोन पर बातचीत कर उन्हें भरोसा दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाएगी और हरसंभव समर्थन देगी।
खड़गे ने यह भी कहा कि जल्द ही कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला को छात्रों से फिर से मिलने और संवाद के लिए भेजा जाएगा। छात्रों ने खड़गे को अवगत कराया कि उन्होंने अपनी मांगों और आंदोलन के बिंदुओं को सरकार को लिखित रूप में भेज दिया है।
प्रशासन बोला – अब यह आंदोलन छात्रों का नहीं, राजनीतिक हो गया
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आंदोलन अब छात्रों का न रहकर राजनीतिक रूप धारण कर चुका है। प्रशासन का यह भी कहना है कि यह प्रदर्शन संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था को बाधित कर रहा है।
इस बीच पुलिस ने आंदोलन से जुड़े 15 छात्रों के नामजद और 20 अन्य अज्ञात छात्रों पर FIR दर्ज की है।
हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने पुष्टि की कि छात्र आंदोलन से जुड़े एक नए केस में FIR दर्ज की गई है।
10 जून की रात से बिगड़े हालात
संकट की शुरुआत 10 जून को हुई, जब छात्र स्टाइपेंड कटौती और अन्य मुद्दों को लेकर कुलपति कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे। वहां सुरक्षा कर्मचारियों से बहस के बाद छात्रों को बाहर कर दिया गया। उसी रात छात्रों ने कुलपति की कार का घेराव किया, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई छात्र घायल हो गए।
इसके बाद से छात्र लगातार धरने पर बैठ गए हैं और परीक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। वे कुलपति को पद से हटाने, लाठीचार्ज के दोषियों की गिरफ्तारी, और सभी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
छात्र आंदोलन को मिल रहा समर्थन
इस आंदोलन को अब कई राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिलने लगा है। कांग्रेस के अलावा कुछ स्थानीय संगठन भी छात्रों के पक्ष में खुलकर आ चुके हैं।

