➤ हरियाणा के 9 जिलों में बारिश, 8 में अलर्ट जारी
➤ चरखी दादरी में DC और SP आवास के बाहर जलभराव
➤ सिरसा में शॉर्ट सर्किट से मीटर जले, फायर ब्रिगेड ने संभाला हालात
हरियाणा में रविवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में भारी बारिश हुई। हिसार, अंबाला, फतेहाबाद, जींद, सोनीपत, कैथल, रोहतक, झज्जर और कुरुक्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। वहीं चरखी दादरी में बीती रात हुई बारिश के बाद हालात बिगड़ गए और DC तथा SP के आवास के बाहर पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक अमले को भी असुविधा झेलनी पड़ी।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) चंडीगढ़ ने सुबह 10:30 बजे तक गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र में मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने साथ ही चेतावनी दी है कि इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का खतरा है।
बारिश के बीच सिरसा के रोड़ी बाजार की गली बॉम्बे वाली में देर रात बड़ा हादसा टल गया। यहां बिजली के पोल पर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। पहले पोल से धुआं उठा और देखते ही देखते मीटर जलने लगे। आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने हालात काबू में किए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार प्रदेश में मानसून ने सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। 24 अगस्त तक हरियाणा में औसतन 322 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 357 एमएम बारिश हो चुकी है, जो 11 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के 8 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा यमुनानगर में 866.3 एमएम और सबसे कम कैथल में केवल 175.2 एमएम बारिश हुई है।
इसी बीच कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल नदी में करीब 2 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। यदि पहाड़ों में काला अंब क्षेत्र में भारी बारिश हुई तो जलस्तर और बढ़ सकता है। इस मानसून सीजन में अब तक 14 बार मारकंडा नदी में पानी आ चुका है। दूसरी ओर, हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर घटा है। शनिवार रात को जहां 44 हजार क्यूसेक पानी दर्ज हुआ था, वहीं रविवार रात 9 बजे यह घटकर 30,939 क्यूसेक रह गया।