➤ हरियाणा में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, रेवाड़ी समेत 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
➤ CM नायब सिंह सैनी का प्रोग्राम रद्द, अंडरपास में गाड़ियां बंद, जगह-जगह जलभराव
➤ 26 अगस्त तक मौसम विभाग ने तेज बारिश की चेतावनी दी, हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर घटा
हरियाणा में लगातार खराब मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बीती रात रेवाड़ी में तेज बारिश हुई, जिसके बाद NH-11 के पास खोरी अंडरपास में पानी भर गया। सुबह होते ही कई गाड़ियां इसमें बंद पड़ गईं, जिन्हें लोगों ने धक्का लगाकर बाहर निकाला। हालात ऐसे बने कि रविवार (24 अगस्त) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सोनीपत प्रोग्राम कैंसिल करना पड़ा। उन्हें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हरियाणा के 4 जिलों – महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और पलवल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में 26 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसके बाद 27 अगस्त से गतिविधियां धीरे-धीरे कम होंगी।

इस सीजन अब तक हरियाणा में सामान्य से 10% अधिक बारिश दर्ज हुई है। 23 अगस्त तक औसतन 317.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन प्रदेश में 348.7 मिमी बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर (865.1 मिमी) में दर्ज की गई, जबकि सबसे कम सिरसा (162.3 मिमी) में हुई।
हिसार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन पंजाब पर सक्रिय है और अरब सागर से नमी वाली हवाएं भी हरियाणा की तरफ बढ़ रही हैं। इससे 24 से 26 अगस्त तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी।

हथिनीकुंड बैराज पर पानी का स्तर अब घट रहा है। शनिवार शाम यहां का जलस्तर 44 हजार क्यूसेक से घटकर कम हुआ, जिसमें से यमुना नदी में 29,479 क्यूसेक और पश्चिमी यमुना नहर में 13,010 क्यूसेक छोड़ा गया।
बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा है। करनाल के अलीपुर खालसा गांव के सरकारी स्कूल की कक्षाओं में पानी भर गया, जिससे बच्चों को तुरंत बाहर निकाला गया। फरीदाबाद में 5वीं कक्षा के छात्र की तालाब में डूबकर मौत हो गई। वहीं जींद के पांडू पिंडारा तीर्थ में स्नान करने गए एक युवक की भी डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा चरखी दादरी के गांव दगड़ौली में आसमानी बिजली गिरने से पशुपालक की गाय और बछिया की मौत हो गई।
बारिश से जहाँ किसानों को राहत मिली है, वहीं जलभराव और हादसों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।