● हिसार में कैंसर अस्पताल को मंजूरी न मिलने पर जिंदल परिवार ने अमित शाह का रुख किया
● 31 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम में शामिल होंगे
● जिंदल परिवार को BJP में उपेक्षा का सामना, शाह की मौजूदगी से राजनीतिक संजीवनी की उम्मीद
Haryana Politics: हरियाणा के जिंदल परिवार ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री नायब सैनी को झटका देते हुए अपनी कैंसर अस्पताल परियोजना के लिए गृह मंत्री अमित शाह का रुख किया है। हिसार के अग्रोहा में बनने वाले इस अस्पताल को हरियाणा सरकार से मंजूरी नहीं मिल रही थी, जिसके चलते जिंदल परिवार ने अब सीधे गृह मंत्री से मदद मांगने का फैसला किया है।
अग्रोहा में कैंसर अस्पताल जिंदल परिवार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे मंजूरी के लिए तीन साल से इंतजार किया जा रहा है। अब, 31 मार्च को अमित शाह हिसार दौरे पर आ रहे हैं और ओपी जिंदल की पुण्यतिथि के अवसर पर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे। इस मौके पर जिंदल हाउस अमित शाह के हाथों ICU यूनिट और सुपर मल्टी स्पेशियलिटी सुविधाओं का उद्घाटन भी करवाएगा। साथ ही, वे कैंसर अस्पताल की मंजूरी के लिए शाह से समर्थन की मांग कर सकते हैं।
अस्पताल की आधारशिला 6 मार्च 2022 को रखी गई थी और इसकी लागत लगभग 120 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें 60 करोड़ रुपए मुंबई के दानी अग्रवाल द्वारा देने की सहमति थी, लेकिन हरियाणा सरकार ने अब तक इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं दी है। प्रस्तावित अस्पताल 60 हजार गज एरिया में बनेगा और इसमें 50 बेड होंगे। इस परियोजना से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कैंसर मरीजों को लाभ मिलेगा।
अमित शाह को बुलाने की तीन बड़ी वजहें:
- अटके प्रोजेक्ट: जिंदल हाउस के प्रोजेक्टों को सरकार लगातार लटका रही है, जिससे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के विकास कार्य ठप पड़े हैं।
- विधानसभा में टिकट कटने की नाराजगी: जिंदल परिवार को हिसार विधानसभा चुनाव में BJP की टिकट नहीं मिली, जिससे वे नाराज हैं।
- निकाय चुनाव में अनदेखी: हिसार निकाय चुनाव में भी जिंदल परिवार की अनदेखी की गई, जिससे उनका असंतोष और बढ़ गया।