➤ फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर Zila Parishad चेयरपर्सन काजल देशवाल अयोग्य घोषित
➤ जिला स्तरीय समिति ने बीसी-ए सर्टिफिकेट को बताया फर्जी
➤ हरियाणा पंचायत एक्ट की धारा 175 व 177 के तहत पद से हटाया गया
Fake Caste Certificate: हरियाणा पंचायत विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए पानीपत जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल को अयोग्य घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर की गई है। काजल देशवाल ने वर्ष 2022 में बीसी-ए (कहार) श्रेणी के तहत आरक्षित वार्ड नंबर-13 से जिला परिषद चुनाव लड़ा और अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। लेकिन अब जांच में सामने आया है कि वह वास्तव में सामान्य श्रेणी (राजपूत) से संबंधित हैं और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की निवासी हैं।

इस मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि काजल देशवाल ने गलत जानकारी और फर्जी जाति प्रमाणपत्र देकर चुनाव लड़ा। इस पर विभाग ने डिप्टी कमिश्नर पानीपत से रिपोर्ट मांगी, जिसमें एडीसी पानीपत व सहारनपुर के डीएम की जांच रिपोर्ट को शामिल किया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि काजल देशवाल हिन्दू राजपूत (जनरल) श्रेणी से हैं, न कि बीसी-ए श्रेणी से।

इसके बाद ADC पानीपत ने 5 जून 2025 को उनके जाति प्रमाणपत्र HRBC/2022/108510 को रद्द कर दिया। इसके आधार पर उन्हें दूसरा नोटिस जारी करते हुए 13 जून को पेश होने के लिए कहा गया, लेकिन तब वकील ने बीमारी के आधार पर समय मांगा।
19 जून को अंतिम सुनवाई हुई, जिसमें उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले और हरियाणा सरकार के 2022 के निर्देशों का हवाला दिया, लेकिन डायरेक्टर जनरल, विकास एवं पंचायत विभाग ने अंतिम निर्णय से पहले एसईडब्ल्यूए विभाग से प्रमाणपत्र की पुष्टि करवाई।
एसईडब्ल्यूए विभाग ने साफ किया कि प्रमाणपत्र की जांच का अधिकार जिला स्तर की समिति को है। जिसके बाद 27 जून को पानीपत की जिला स्तरीय समिति ने जाति प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए रद्द कर दिया।
इसके आधार पर हरियाणा पंचायत राज अधिनियम की धारा 175 व 177 के तहत कार्रवाई करते हुए काजल देशवाल को पद से हटाते हुए अयोग्य घोषित कर दिया गया। अब उनका पद खाली माना जाएगा और वह सदस्य भी नहीं रहेंगी।

