अफसर वोटों की चोरी करा रहे हम छोड़ेंगे नहीं चाहे वो रिटायर हो जाएं 19

हरियाणा के एक अस्‍पताल की शर्मनाक हरकत! मरीज की जान के बदले मांगे लाखों, पढ़ें

हरियाणा की बड़ी खबर

रोहतक के निजी अस्पताल में महिला मरीज के इलाज को लेकर बड़ा विवाद
10 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी अस्पताल ने परिजनों से मांगे ढाई लाख रुपये
डॉक्टर ने बिल न देने पर डेथ सर्टिफिकेट देने से किया इनकार

रोहतक के एक निजी अस्पताल में देर रात जमकर हंगामा हुआ, जब एक महिला मरीज उमा देवी (57 वर्ष) के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने 10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम लेने के बावजूद उनसे ढाई लाख रुपये और मांगे। महिला 17 दिन से अस्पताल में भर्ती थी। परिजनों ने जब ढाई लाख देने से असमर्थता जताई, तो डॉक्टरों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो मरीज का वेंटिलेटर हटा दिया जाएगा और डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं दिया जाएगा।

मृतका के भाई ने बताया कि उन्होंने अस्पताल को शुरू में ही सूचित कर दिया था कि मरीज के पास इंश्‍योरेन्‍स कवर है और आर्थिक रूप से वे सक्षम नहीं हैं। मरीज का इलाज डायलिसिस के लिए शुरू हुआ था, लेकिन भर्ती के दौरान उसे ब्रेन अटैक और हार्ट अटैक भी आया और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान उसकी हालत और बिगड़ गई।

Whatsapp Channel Join

स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने एक पीजीआई डॉक्टर से सलाह ली, जिन्होंने कहा कि मरीज के बचने की संभावना मात्र 5% है और उसे घर ले जाकर सेवा करनी चाहिए। जब परिवार ने अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज कर घर ले जाने की बात कही, तब अस्पताल प्रबंधन ने ढाई लाख का और बिल थमा दिया। जब इसका विरोध किया गया, तो डॉक्टरों ने कहा कि पैसे नहीं दिए तो मरीज का वेंटिलेटर हटा दिया जाएगा और बाद में डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं मिलेगा।

इस धमकी से आहत होकर परिजनों ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। आर्य नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी एसआई बिजेंद्र ने दोनों पक्षों की बात सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

परिवार वालों का कहना है कि इंसानियत के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया गया, जबकि अस्पताल पक्ष इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सका। अब देखना है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या अस्पताल के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है।