म्हारी छोरी, छोरों से कम हैं के। खिलाड़ियों पर बनी फिल्म के इस डायलॉग को भिवानी की बॉक्सर बेटी Neetu Ghanghas ने एक बार फिर सार्थक किया है, क्योंकि खेल विभाग द्वारा जारी अवार्ड की लिस्ट में नीतू का नाम सबसे पहले स्थान पर है, जिससे पूरे भिवानी जिले में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। नीतू को अर्जुन अवॉर्ड मिलने की खबर ने उनके परिवार, कोच और प्रशंसकों को खुशी से झूमने का मौका दिया।

अर्जुन अवॉर्ड की घोषणा के बाद नीतू घनघस और उनके कोच जगदीश ने जश्न मनाने की बजाय बॉक्सिंग रिंग में पसीना बहाना जारी रखा। उनका लक्ष्य अगले साल होने वाले कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स और 2028 के ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

अर्जुन अवॉर्ड मिलने पर नीतू ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अवॉर्ड उन्हें कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों में जीत के लिए और भी प्रेरित करेगा। उन्होंने अपने कोच और परिजनों को इस सफलता का श्रेय दिया। वहीं, कोच जगदीश ने बताया कि नीतू हरियाणा की तीसरी बॉक्सर बेटी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड मिला है। इससे अन्य बॉक्सिंग बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

भिवानी बॉक्सिंग क्लब के अध्यक्ष कमल प्रधान ने नीतू की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि नीतू ने कठिन परिस्थितियों में खेलते हुए हरियाणा के पदक तालिका में योगदान दिया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि नीतू भविष्य में ओलंपिक में भी मेडल जीतेंगी।

नीतू के पिता जयभगवान ने भी अपनी बेटी पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि 2008 में बॉक्सिंग स्टार विजेंदर सिंह का ओलंपिक मेडल देखकर नीतू ने बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था, और अब वह भी ओलंपिक मेडल जीतेंगी। नीतू घनघस को अर्जुन अवॉर्ड मिलने पर न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है। अब सभी की नजरें 17 जनवरी 2025 पर हैं, जब नीतू महामहिम राष्ट्रपति से यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्राप्त करेंगी।







