हरियाणा के जिला पानीपत में मुख्यमंत्री उडनदस्ता करनाल की टीम ने अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास कोई पासपोर्ट और वीजा नहीं मिला है। इसके अलावा इनके पास भारत में रहने की कोई परमिशन भी बरामद नहीं हुई है। टीम ने एक को सौंधापुर मोड़ जाटल रोड और अन्य 3 साथियों को समालखा से काबू किया है। पुलिस आज चारों को न्यायालय में पेश कर आगामी कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि पानीपत में मुख्यमंत्री उडनदस्ता करनाल के निरीक्षक श्रवण कुमार, मुख्य सिपाही राजेश कुमार, गुप्तचर इकाई पानीपत के अतिरिक्त जिला निरीक्षक नीर सिह और एएसआई राजकुमार की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव सौंदापुर मोड़ जाटल रोड से पहले 1 बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में उसने अपनी पहचान जिला ठकरूदा के गांव सिधिया निवासी जबर पुत्र अब्दुल करीम बताई। जिसके पास कोई पासपोर्ट या वैध वीजा नहीं मिला।

पुलिस के अनुसार जबर फिलहास समय में पानीपत के हलका समालखा के गांव डिडवाड़ी स्थित आशु ब्लीच हाउस में मजूदरी का काम करता है। यह भारत देश में रहने वाली अपनी कोई पहचान पेश नहीं कर सका। जिस कारण इसके खिलाफ फोरनर एक्ट के तहत धारा 13/14/14ए/14सी फोरनर एक्ट 1946 के तहत थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान जबर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके साथ बांग्लादेश के जिला रंगपुर के गांव कसवा खेरवाड़ी सलीम पुत्र तसलीम, गांव जिगरा का अख्तर रुल पुत्र आयूब और जिला दिनासपुर के गांव गांव चिगोलमांडी निवासी अली पुत्र नजरुल भी आशु ब्लीच हाउस पर कार्य करते है।

सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने उक्त तीनों लोगों को भी काबू कर लिया है। फिलहाल पुलिस चारों लोगों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान सलीम, अली और अख्तर ने पानीपत के हलका इसराना के गांव चमराडा के पते पर बने आधार कार्ड पेश किए हैं। उनका कहना है कि वह सभी अपने इन आधार कार्डों में दिए गए पते को ठीक करवाने के लिए जाटल रोड स्थित गांव सौंधापुर मोड पर स्थित साइबर कैफे पर पहुंचे थे। साइबर कैफे द्वारा इनके पता ठीक करवाने के लिए जारी की गई रसीद भी प्राप्त हुई है। स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर कैफे की भूमिका की भी जांच कर रही है। उक्त बांग्लादेशियो के पास से पुलिस ने बांग्लादेश के तीन सिम भी बरामद किए हैं।


