हरियाणा के जिला पानीपत में एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। युवक ने कमरे में फंदा लगाया ही था कि परिजन अचानक मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने खिड़की तोड़कर युवक को फंदे से उतारा तो उसकी सांसें चल रही थी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मूलरूप से मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी 39 वर्षीय आशिक के रूप में हुई है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी मोफिल का कहना है कि मृतक आशिक रिश्ते में उसका साढू लगता था। वह मध्य प्रदेश के भोपाल का रहने वाला था। वह 5 बहनों का इकलौता भाई था। उसका एक वर्ष पहले ही विवाह हुआ था। आशिक अपनी पत्नी के साथ 4 महीने से पानीपत के गांव झट्टीपुर में रह रहा था। दोनों पति-पत्नी फैक्टरी में काम करते थे। आशिक की पत्नी 3 माह की गर्भवती बताई जा रही है। मोफिल के अनुसार सोमवार शाम को वह जब फैक्टरी में काम कर रहा था तो इस दौरान आशिक काफी देर से दिखाई नहीं दिया, जबकि उसकी पत्नी फैक्टरी में ही कार्यरत थी। इसके बाद उन्होंने आसपास सभी ने आशिक के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। जब वह आशिक की तलाश करते हुए कमरे पर पहुंचे तो उसका कमरा अंदर से बंद मिला। इस दौरान खिड़कियां भी बंद थी। जब उन्होंने अंदर झांक कर देखा तो आशिक कमरे के अंदर फंदे पर लटका हुआ था।
इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर खिड़की को तोड़ा और आशिक को फंदे से नीचे उतारा। इस दौरान आशिक की सांसें चल रही थी। परिजन आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आशिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। फिलहाल युवक की आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

