Ambala के नारायणगढ़ में तीन दिन पहले हुए हत्याकांड में मुख्य आरोपी सागर पुलिस और STF की टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया। जानकारी के अनुसार, सागर ने बसपा नेता को गोली मारी थी, जिसके बाद पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी।
नारायणगढ़ में बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास रज्जूमाजरा की गोलीकांड में मुख्य आरोपी सागर को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। यह मुठभेड़ अंबाला के मुलाना महाराणा प्रताप नेशनल कॉलेज के पास हुई, जहां अंबाला पुलिस और हरियाणा STF ने मिलकर आरोपी पर कार्रवाई की।
सागर का शव छावनी के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के 2 से 3 जवान भी घायल हुए हैं।
इस दौरान, सागर और पुलिस की टीम के बीच जमकर फायरिंग हुई, जिसमें सागर की मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के दो-तीन कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
क्या है मामला जानिए-
हरियाणा के अंबाला के नारायणगढ़ में हुए बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास गोलीकांड के मुख्य आरोपी सागर को पुलिस और हरियाणा एसटीएफ ने एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। यह मुठभेड़ मुलाना महाराणा प्रताप नेशनल कॉलेज के पास हुई, जिसमें पुलिस के दो से तीन जवान भी घायल हो गए। मुख्य आरोपी सागर का शव अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को नारायणगढ़ इलाके में बसपा के प्रदेश सचिव हरबिलास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनके दो साथी घायल हो गए थे। हत्या की जिम्मेदारी दो लाख के इनामी बदमाश वेंकट गर्ग ने ली थी। फरार होने के तीन दिन बाद, वेंकट गर्ग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली, जिसमें उसने हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार की और धमकी दी कि जो भी उसके खिलाफ जाएगा, उसे यही अंजाम मिलेगा।
वहीं, पुलिस ने साइबर सैल की मदद से वेंकट गर्ग सहित उसके सहयोगियों अजय, अरुण, साहिल, मनीष मित्तल, तुषार, नेहाल और महिला अंजू गर्ग के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। 27 जनवरी को पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि बाकी की तलाश जारी थी।





