लोकसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज, कांग्रेस और भाजपा दोनों जुटी तैयारियों में

अंबाला

सांसद रत्न लाल कटारिया के निधन के बाद खाली हुई, अंबाला लोकसभा सीट के पर उपचुनाव की संभावना बन रही है। उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की कुमारी सैलजा और भाजपा दोनों तैयारियों में जुटी हुई हैं।

बीजेपी अंबाला से स्वर्गीय सांसद की पत्नी बंतो कटारिया को टिकट दे सकती है। इसे देखते हुए उन्होंने अपना प्रचार भी तेज कर दिया है। दूसरी ओर कांग्रेस से क्योंकि पिछला चुनाव कुमारी शैलजा ने लड़ा था, तो प्रबल संभावना है कि उन्हें ही यहां से टिकट मिलेगा। कुमारी सैलजा भी अब क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रही है।

भाजपा से पिछड़ती नजर आ रही कांग्रेस

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कुमारी सैलजा की तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेस अभी भाजपा से पिछड़ती नजर आ रही है। नीति तौर पर सर्व करने वाली एक संस्था के मुताबिक अभी भी भाजपा को यहां से 46 प्रतिशत वोट मिलते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस को 36 प्रतिशत वोट से संतोष करना पड़ रहा है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि कांग्रेस भाजपा से पिछड़ रही है।

गठबंधन दिला सकता है कांग्रेस को जीत

हरियाणा की राजनीति पर नजर रखने वाले डॉक्टर नवीन रमन का मानना है कि कांग्रेस अगर यह उपचुनाव गठबन्धन में लड़ती है तो उसकी जीत सुनिश्चित है। अगर बगैर गठबन्धन के कांग्रेस लड़ेगी तो आम आदमी पार्टी, इनेलो और बसपा सभी दल करीब 2 लाख के आसपास वोट लें सकते हैं। जिसका सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा, जबकि फायदा बीजेपी को होता नजर आ रहा है।