हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जैसा कि हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा जारी एक बड़ी रिपोर्ट से पता चलता है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ब्यूरो ने 2023 में 152 जगहों पर रेड किए और इसके दौरान 205 मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक हैं। इस रेड के दौरान 86,12,300 रुपए बरामद किए गए हैं।
हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि 2023 में 30 राजपत्रित अधिकारी, 156 गैर-राजपत्रित अधिकारी और 40 निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ब्यूरो द्वारा सरकार की सहमति के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायालय में अपराध की आय से अर्जित संपत्ति को अटैच करने के लिए प्रस्ताव भी बनाया गया है। ब्यूरो ने वर्ष 2023 में 12 राजपत्रित अधिकारियों, 10 अराजपत्रित अधिकारियों और 7 निजी व्यक्तियों के खिलाफ 31 जांचें दर्ज की हैं। जिसमें से 82 जांचें पूरी हो चुकी हैं। साथ ही ब्यूरो द्वारा 34 राजपत्रित अधिकारियों, 10 अराजपत्रित अधिकारियों और 47 निजी व्यक्तियों के खिलाफ 14 जांचों में आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है।
कई विभागों के अधिकारियों को भी पकड़ा
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि ब्यूरो द्वारा कई विभागों के अधिकारियों को पकड़ा गया है। जिसमें पुलिस, राजस्व, बिजली, खाद्य, नागरिक आपूर्ति, शहरी स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य सेवाएं, सहकारिता, शिक्षा, आबकारी और कृषि विपणन बोर्ड शामिल हैं। इन अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। जिसमें 65 राजपत्रित अधिकारियों, 69 अराजपत्रित अधिकारियों और 113 निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई होने की सिफारिश की गई है।
शिकायतकर्ताओं को किया सम्मानित
शत्रुजीत कपूर ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान शिकायतकर्ताओं को सम्मानित किया और उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शिकायकर्ताओं को रेड की सफलता में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया और उन्हें सुविधा प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई न केवल अफसरों के खिलाफ हो रही है, बल्कि सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के खिलाफ भी हो रही है।